Solar Eclipse 2026: आज लगेगा साल का आखिरी सूर्यग्रहण, बिहार में नहीं दिखेगा खग्रास ग्रहण, नहीं लगेगा सूतक, 5 राशियों को रहना होगा सावधान
Solar Eclipse 2026: सावन कृष्ण अमावस्या पर आज यानी 12 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। ...
Solar Eclipse 2026: सावन कृष्ण अमावस्या पर आज यानी 12 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक यह खग्रास यानी पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा पूरी तरह सूर्य के सामने आ जाएगा और सूर्य का प्रकाश पूरी तरह ढक जाएगा। हालांकि, इस खगोलीय घटना का नजारा बिहार समेत भारत में दिखाई नहीं देगा।
बताया गया है कि सूर्यग्रहण बुधवार रात 9:04 बजे शुरू होगा और देर रात 1:28 बजे इसका समापन होगा। आमतौर पर सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है। लेकिन भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण बिहार में इसका सूतक प्रभाव नहीं माना जाएगा।
इस सूर्यग्रहण को पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी अटलांटिक महासागर और उत्तरी प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। यानी भारत में बैठे लोगों को इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष दीदार नहीं हो पाएगा।
सावन के एक ही महीने में दो ग्रहण पड़ रहे हैं। 12 अगस्त को सूर्यग्रहण के बाद 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा पर खंडग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में एक ही माह में दो ग्रहणों को महत्वपूर्ण माना गया है। कुछ ज्योतिषीय मतों के अनुसार ऐसे संयोग के दौरान राजनीतिक उथल-पुथल, तनाव, महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं जैसी स्थितियों की आशंका जताई जाती है। हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से इनका कोई प्रमाणित कारण-परिणाम संबंध स्थापित नहीं है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, वृष, तुला और मकर राशि के जातकों पर ग्रहण का मिला-जुला प्रभाव रह सकता है। वहीं मिथुन, कन्या और धनु राशि वालों के लिए आर्थिक और आध्यात्मिक उन्नति, कार्यक्षेत्र में सफलता तथा करियर में लाभ के संकेत बताए गए हैं।
दूसरी ओर कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक इन राशियों के लोगों को स्वास्थ्य, अनावश्यक खर्च और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहना चाहिए। फिलहाल बिहार के लोगों के लिए राहत की बात यही है कि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।