Bihar Administrative Action: नगर आयुक्त सस्पेंड, नगर निगम में घोटाले का बड़ा खुलासा, 68 योजनाओं का खेल पड़ा भारी

Bihar Administrative Action: बिहार सरकार ने सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी नियमों की अनदेखी के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।...

Saharsa Municipal Commissioner Suspended
नगर आयुक्त सस्पेंड- फोटो : X

Bihar Administrative Action: बिहार में सरकारी महकमों के भीतर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इसी कड़ी में सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी नियमों की अनदेखी और टेंडर प्रक्रिया को कथित तौर पर दरकिनार करने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी सरकारी संकल्प में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) एवं (घ) के तहत यह कार्रवाई की गई है।

चार बड़ी परियोजनाओं में 8.40 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप

सरकारी संकल्प के मुताबिक, सहरसा नगर निगम की चार बड़ी विकास योजनाओं में लगभग 8 करोड़ 40 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। आरोपों की संजीदगी को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 21 सितंबर 2026 को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों और नियमों की अनदेखी की बात सामने आई।

टेंडर से बचने के लिए 68 योजनाओं में बांटे गए काम

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम की चार बड़ी परियोजनाओं को कथित तौर पर 68 छोटी-छोटी योजनाओं में विभाजित कर काम कराया गया। जांच समिति का निष्कर्ष है कि ऐसा करने के पीछे निर्धारित निविदा यानी टेंडर प्रक्रिया से बचने की मंशा थी। यदि आरोप विभागीय जांच में प्रमाणित होते हैं तो इसे सरकारी वित्तीय नियमों और प्रशासनिक पारदर्शिता के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

पहले की जांच में भी कार्रवाई की अनुशंसा

इस मामले में एक सितंबर 2026 को प्रस्तुत संचालनात्मक जांच प्रतिवेदन में भी प्रभात कुमार झा के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। लगातार सामने आए जांच निष्कर्षों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने निलंबन का फैसला लिया।

गया में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय

निलंबन के दौरान प्रभात कुमार झा का मुख्यालय मगध प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय, गया में निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमावली के नियम-10 के तहत निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित करने का निर्देश भी दिया है। अब निगाहें आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई और जांच के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।

रिपोर्ट- पुष्कर प्रवीण