Saran Drug Department Raid: दिल्ली से इनपुट पर एकमा में बड़ी छापेमारी, संदिग्ध दवाओं का भारी भंडार सील

सारण के एकमा में दिल्ली से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर औषधि विभाग ने छापेमारी की है। फुचटी खुर्द गांव में अनिरुद्ध शर्मा के परिसर से भारी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाएं बरामद। नए कानून BNS की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज। लैब रिपोर्ट का इंतजार।

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सारण के एकमा में बड़ी छापेमारी, संदिग्ध दवाओं का भारी भंडार सील- फोटो : Reporter

बिहार के सारण जिले के एकमा प्रखंड से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पंचुआ पंचायत के फुचटी खुर्द गांव में गुरुवार को औषधि विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने संदिग्ध दवाओं के अवैध निर्माण और भंडारण की गुप्त सूचना पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) कुंदन कुमार केसरी के नेतृत्व में हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अनिरुद्ध शर्मा नामक व्यक्ति के परिसर को खंगाला गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली से केंद्रीय स्तर पर मिले इनपुट के बाद इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।


भारी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाएं बरामद: लैब भेजे गए जब्त दवाओं के सैंपल

अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली से मिली गोपनीय सूचना में इस ठिकाने पर नकली एलोपैथिक दवाइयों और कफ सिरप के अवैध निर्माण की आशंका जताई गई थी। हालांकि, जब टीम ने परिसर की गहनता से तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाओं का स्टॉक जमा मिला। औषधि निरीक्षक कुंदन कुमार केसरी ने बताया कि मौके से करीब पांच बोरी दवाइयां जब्त की गई हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बरामद दवाओं की प्रामाणिकता और गुणवत्ता की जांच के लिए कई नमूने (सैंपल्स) लिए हैं, जिन्हें तुरंत सरकारी प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है।

गोदाम को किया गया पूरी तरह सील: लैब रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई

कार्रवाई के बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए उस पूरे कमरे और गोदाम को सील कर दिया है जहां दवाओं का यह संदिग्ध भंडार रखा गया था, ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाहर से देखने पर दवाओं की मात्रा और अधिक प्रतीत हो रही थी, लेकिन वास्तविक मात्रा और उनकी शुद्धता का पूरा खुलासा प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। रिपोर्ट में अगर दवाएं मानकों के विपरीत पाई गईं, तो संबंधित संचालकों पर शिकंजा और कड़ा किया जाएगा।


गोपनीयता के बीच चली जांच प्रक्रिया

इस पूरी छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम द्वारा काफी गोपनीयता बरती गई। परिसर के भीतर जहां दवाओं का मुख्य स्टॉक रखा हुआ था, वहां मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। कवरेज के लिए आए पत्रकारों को केवल परिसर के बाहर से विजुअल्स बनाने और अधिकारियों द्वारा लिए जा रहे सैंपलों की तस्वीरें लेने की ही अनुमति दी गई। अधिकारियों का मानना था कि जांच की संवेदनशीलता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए कमरे के भीतर फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।

बीएनएस (BNS) की संगीन धाराओं में FIR दर्ज: एकमा पुलिस जांच में जुटी

इधर, इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। एकमा थाने के पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष रामबालक यादव ने बताया कि औषधि निरीक्षक के लिखित आवेदन के आधार पर एकमा थाना कांड संख्या- 280/26 दर्ज कर लिया गया है। यह प्राथमिकी नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 319, 336, 276, 277, 278 एवं 3(5) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है और अब सभी को लैब की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी  की रिपोर्ट