बिहार पुलिस की अजीब कारगुजारी: चौकीदार के कमरे से मिली शराब, शिकायत करने वाले पर ही दर्ज कर दी FIR!
नशे में धुत चौकीदार की शिकायत करने गए युवक आर्यन राज पर ही पुलिस ने FIR दर्ज कर दी, परिजनों का दावा है कि तलाशी के दौरान चौकीदार के कमरे से शराब की एक बोतल बरामद हुई, जिसका बकायदा एक वीडियो भी वायरल है लेकिन ...
बिहार के सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र से खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस से न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे एक युवक को राहत मिलने के बजाय खुद ही आरोपी बनना पड़ गया। पुलिस ने पीड़ित युवक के खिलाफ ही उल्टे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दी है। अब इस नाइंसाफी के खिलाफ पीड़ित परिवार ने सारण रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) निलेश कुमार का दरवाजा खटखटाया है और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
रास्ते में रोककर बदसलूकी: चौकीदार पर शराब के नशे में धमकी देने का आरोप
मामले का खुलासा तब हुआ जब डटरा पुरसौली गांव निवासी बिन्देश्वर सिंह की पत्नी मंजू देवी ने डीआईजी को एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन के मुताबिक, उनका नाती आर्यन राज बीती 11 जुलाई 2026 को अपने ननिहाल पुरसौली आ रहा था। आरोप है कि इसी दौरान दड़वा मुजवैनिया के पास गांव के चौकीदार अमर राय ने, जो कथित रूप से शराब के नशे में धुत था, आर्यन को रास्ते में रोक लिया। विरोध करने पर चौकीदार ने उसके साथ सरेआम गाली-गलौज की और जान से मार देने की नीयत से गोली मारने की धमकी भी दी।
कमरे से मिली शराब की बोतल: वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस ने पलटी बाजी
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना के तुरंत बाद आर्यन राज न्याय की आस में शिकायत दर्ज कराने इसुआपुर थाने पहुंचा। शुरुआती तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम उसे साथ लेकर चौकीदार के घर छापेमारी करने पहुंची। परिजनों का दावा है कि तलाशी के दौरान चौकीदार के कमरे से शराब की एक बोतल बरामद हुई, जिसका बकायदा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस ने उस वक्त शराब को जब्त कर लिया और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर आर्यन को वापस घर भेज दिया।
थाने पहुंचते ही उड़ा होश: पीड़ित को ही बना दिया गया मुल्जिम
इस पूरे मामले में असली मोड़ अगले दिन आया, जब आर्यन अपने दिए गए आवेदन पर हुई कार्रवाई की प्रगति (Status) जानने दोबारा इसुआपुर थाने पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि पुलिस ने आरोपी चौकीदार को बचाने के लिए उल्टे शिकायतकर्ता आर्यन के खिलाफ ही केस दर्ज कर उसे मुल्जिम बना दिया था। इस घटनाक्रम के बाद से पीड़ित परिवार गहरे खौफ और सदमे में है। परिजनों का आरोप है कि पुलिसिया साठगांठ के कारण असली दोषी खुलेआम घूम रहा है और उनका पूरा परिवार भयभीत है।
डीआईजी स्तर की जांच पर टिकी निगाहें: पुलिस की चुप्पी से गहराया सस्पेंस
बुजुर्ग महिला मंजू देवी ने डीआईजी निलेश कुमार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दागी चौकीदार समेत इस साजिश में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने और अपने नाती को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, इस पूरे विवाद और गंभीर आरोपों पर अब तक इसुआपुर थाना या सारण जिला पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में अब डीआईजी के निर्देश पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर ही सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट