Bihar Crime: DM का नाम लेकर वसूली के खेल का खुलासा, अधिकारियों के साथ तस्वीरें दिखाकर जमाता था धाक
खुद को बड़े प्रशासनिक अधिकारियों का करीबी बताने वाले सोशल मीडिया यूट्यूबरके खिलाफ महुली थाने में धमकी देने और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ...
Bihar Crime News: शेखपुरा में सोशल मीडिया पर रौब जमाकर कथित ठगी और रंगदारी वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को बड़े प्रशासनिक अधिकारियों का करीबी बताने वाले सोशल मीडिया यूट्यूबर संतोष अंजना के खिलाफ महुली थाने में धमकी देने और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि वह डीएम और एसपी समेत बड़े अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर लोगों पर अपना रसूख जमाता था। इसी कथित पहुंच का खौफ दिखाकर फैक्टरी संचालकों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों से अवैध वसूली का खेल चलाने का आरोप है।
डीएम के नाम पर फैक्टरी सील कराने की दी धमकी
मामला महुली थाना क्षेत्र के महुली गांव का है। यहां के निवासी अरविंद कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि बीते 19 अक्टूबर को संतोष अंजना उनकी आइसक्रीम फैक्टरी पहुंचा। वहां उसने जिलाधिकारी के नाम पर फैक्टरी सील कराने की धमकी दी। आरोपित ने अपने मोबाइल में डीएम के नाम से सेव एक नंबर पर फोन लगाकर फैक्टरी संचालक की बात भी कराई।फोन पर दूसरी तरफ से कथित तौर पर खुद को शेखपुरा का जिलाधिकारी बताते हुए कहा गया कि पत्रकार जो कह रहे हैं, वही कीजिए, वरना खबर प्रकाशित होने के बाद फैक्टरी पर कार्रवाई होगी। इस धमकी से सहमे संचालक ने ढाई हजार रुपये नकद और ढाई हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिए।लेकिन आरोप है कि वसूली का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 31 अक्टूबर को संतोष अंजना दोबारा फैक्टरी पहुंचा और इस बार संचालक की पत्नी रूनी कुमारी से 40 हजार रुपये की मांग कर दी।
अधिकारियों के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाता था रौब
लगातार धमकियों से परेशान दंपती ने जिला उद्योग महाप्रबंधक से शिकायत की। बताया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग योजना के तहत ऋण लेकर आइसक्रीम फैक्टरी स्थापित की है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक ने मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद डीएम के निर्देश पर महुली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।आरोप है कि संतोष अंजना पूर्व डीएम आरिफ अहसन और पूर्व एडीएम सियाराम सिंह समेत कई अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों में प्रभाव जमाता था। वह खुद को एक मीडिया संस्थान 'क्राइम स्पेशलिस्ट' का स्टेट हेड भी बताता था। क्रिकेट खेलने और होली मनाने के दौरान अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल भी कथित तौर पर अपनी पहुंच प्रदर्शित करने के लिए करता था।
फर्जी दरोगा बनकर यौन शोषण के मामले में जा चुका है जेल
आरोपी का विवादों से पुराना नाता रहा है। करीब एक दशक पहले उस पर फर्जी दरोगा बनकर एक सरकारी महिला कर्मी का यौन शोषण करने का आरोप लगा था। इस मामले में उसे करीब आठ महीने जेल में रहना पड़ा था। इसके अलावा मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोप भी सामने आ चुके हैं।
पुलिस जांच में खुलेगी कथित वसूली की परतें
एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अधिकारियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर कथित वसूली का यह खेल कब से चल रहा था? क्या जांच में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों से कथित उगाही के मामलों का भी पर्दाफाश होगा? फिलहाल शेखपुरा में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
रिपोर्ट- उमेश कुमार