Bihar News: बिहार पंचायत में रिश्तेदार की एंजेंसी के जरिए सामान की सप्लाई, सरकारी राशि पर उठे सवाल
Bihar Panchayat News: बिहार में पंचायतों की विकास योजनाओं और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ...
Bihar Panchayat News: बिहार में पंचायतों की विकास योजनाओं और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सीवान जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड की बलहां एराजी पंचायत में मुखिया पंपी कुमारी के भैंसुर अवधेश कुमार पांडेय के माध्यम से निर्माण सामग्री की आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत में दावा किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत की विभिन्न योजनाओं के लिए उनकी एजेंसी के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की निर्माण सामग्री की खरीद दिखाई गई। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिश्तेदारी के बीच सरकारी खरीद, नियमों पर सवाल
बलहां एराजी पंचायत की मुखिया पंपी कुमारी नवंबर 2021 में निर्वाचित हुई थीं। आरोपों के मुताबिक, पंचायत में भवन, सड़क और नाली निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्यों के लिए ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट और सरिया की आपूर्ति अवधेश कुमार पांडेय के माध्यम से की गई। संबंधित बिलों में उन्हें सिविल संवेदक और निर्माण सामग्री सप्लायर के रूप में दर्शाए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता संजय प्रसाद का आरोप है कि सप्लायर के नाम पर किसी स्पष्ट व्यावसायिक दुकान का अस्तित्व नहीं है और दूसरे दुकानदारों से सामग्री लेकर आपूर्ति दिखाए जाने की आशंका है। ऐसे में खरीद के स्रोत, निर्धारित दरों, सामग्री की गुणवत्ता और वास्तविक उपयोग की पड़ताल जरूरी हो गई है।
एक साल में 20 लाख से अधिक की खरीद का दावा
शिकायत में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 20 लाख रुपये से अधिक की निर्माण सामग्री की खरीद दर्शाए जाने का दावा किया गया है। इस मामले में बिल, वाउचर, भुगतान अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर और सामग्री प्राप्ति से जुड़े दस्तावेज अहम साबित हो सकते हैं। शिकायतकर्ता ने पंचायत सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
मुखिया और सप्लायर के दस्तावेजों पर एक ही मोबाइल नंबर!
मामले का एक और अहम पहलू मुखिया के लेटरपैड और सप्लाई वाउचर पर कथित तौर पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज होना है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह समानता दोनों पक्षों के बीच लेन-देन की प्रकृति की जांच को जरूरी बनाती है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और मंत्री को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों पर अवधेश कुमार पांडेय की सफाई
अवधेश कुमार पांडेय ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि निर्माण सामग्री की दुकान उनके घर पर ही चलती है। मोबाइल नंबर समान होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुखिया का नंबर अलग है, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए उनके नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। अब दुकान के अस्तित्व, खरीद के स्रोत और बिलों की प्रामाणिकता की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
भगवानपुर हाट के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सर्वजीत कुमार ने कहा कि मुखिया के परिवार से निर्माण सामग्री की खरीद पर रोक है। यदि ऐसी खरीद हुई है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जांच से ही स्पष्ट होगा कि खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं, सरकारी राशि का इस्तेमाल सही तरीके से हुआ या नहीं और किसी स्तर पर अनियमितता हुई या नहीं। पंचायत की विकास योजनाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों की पड़ताल तथा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई अहम होगी।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी