सीवान में गुरु-शिष्य की परंपरा शर्मसार: छात्रा से छेड़खानी के आरोप में प्रिंसिपल का निकाला जुलूस, कालिख पोती

सीवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र स्थित कन्हौली गांव में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर छात्रा के साथ छेड़खानी का गंभीर आरोप के बाद से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया

Siwan Principal paraded and blackened for molesting student
छात्रा से छेड़खानी के आरोप में प्रिंसिपल का निकाला जुलूस, कालिख पोती- फोटो : news 4 nation

बिहार के सीवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र स्थित कन्हौली गांव में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर छात्रा के साथ छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। प्राथमिक विद्यालय हरियामा के प्रिंसिपल वीरेंद्र साह अपने घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। आरोप है कि शनिवार को जब कुछ अभिभावक अचानक उनके घर पहुंचे, तो उन्होंने शिक्षक को एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

आक्रोशित ग्रामीणों का कानून हाथ में लेना

शिक्षक की इस करतूत से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया। उत्तेजित भीड़ ने आरोपी शिक्षक के कपड़े उतरवा दिए, उनके चेहरे पर कालिख पोती और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया। गुस्साए लोग शिक्षक को जुलूस की शक्ल में कन्हौली मोड़ तक ले गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान आरोपी शिक्षक को अपमानित करने के साथ-साथ उनके साथ मारपीट और बदसलूकी भी की गई।

पुलिस की कार्रवाई और बीच-बचाव

घटना की सूचना मिलते ही बसंतपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उत्तेजित ग्रामीणों के बीच से शिक्षक को रेस्क्यू कर अपने संरक्षण में लिया। थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस फिलहाल पीड़ित छात्रा और आरोपी पक्ष के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा की चिंता

इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्यूशन और कोचिंग संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषी पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो। वहीं, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में कानून हाथ में न लें और न्याय के लिए संवैधानिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें।

रिपोर्ट - ताबिश