Lalu Prasad Yadav: 15 साल पुराने लाउडस्पीकर कांड में लालू यादव की सीवान कोर्ट में पेशी, समर्थकों का उमड़ा हुजूम

Lalu Prasad Yadav: पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को करीब डेढ़ दशक पुराने लाउडस्पीकर कांड में सीवान न्यायालय के समक्ष पेश हुए।

Lalu Prasad Yadav
लालू यादव की सीवान कोर्ट में पेशी- फोटो : reporter

Lalu Prasad Yadav: बिहार की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को करीब डेढ़ दशक पुराने लाउडस्पीकर कांड में सीवान न्यायालय के समक्ष पेश हुए। उनकी पेशी को लेकर जिले में सियासी सरगर्मी तेज रही। गुरुवार की शाम सीवान पहुंचने के बाद शुक्रवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक वे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत पहुंचे। इस दौरान उनके साथ राजद के कई दिग्गज नेता और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। विधान परिषद सदस्य विनोद जायसवाल और पूर्व विधायक भोला यादव समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने इस अदालती पेशी को राजनीतिक लिहाज से भी खास बना दिया।


2011 के दरौंदा उपचुनाव से जुड़ा है पूरा मामला

दरअसल, यह पूरा मामला 8 अक्टूबर 2011 का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री हुआ करते थे। उस वक्त बिहार के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहा था। लालू यादव राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। आरोप है कि चुनावी प्रचार के दौरान इलाके में लागू निषेधाज्ञा के बावजूद प्रशासनिक अनुमति के बगैर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया और चुनावी सभा को संबोधित किया गया था।इसी मामले को लेकर तत्कालीन प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की थी। आरोपों के मुताबिक, चुनावी नियमों और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर सभा आयोजित करना आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता था।

तत्कालीन अंचलाधिकारी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने लालू प्रसाद यादव और उस समय राजद के उम्मीदवार रहे परमेश्वर सिंह के खिलाफ दरौंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कांड संख्या 146/11 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में अदालत ने दोनों आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लिया। हालांकि, इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान परमेश्वर सिंह का निधन हो गया, जबकि लालू यादव के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रही।

गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई तक पहुंचा था मामला

अदालती कार्यवाही के दौरान लगातार पेशी पर हाजिर नहीं होने के कारण लालू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की नौबत आ गई थी। यहां तक कि अदालत की ओर से कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देकर अदालत में उपस्थिति से छूट की मांग की गई, जिसके बाद कुर्की की कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी।

सीवान पहुंचते ही समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

गुरुवार की शाम लालू यादव के सीवान पहुंचते ही राजद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला। जिले की सीमा से लेकर पचरुखी तक जगह-जगह समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका इस्तकबाल किया। पार्टी के झंडे, नारों और समर्थकों की भीड़ के बीच उनका काफिला आगे बढ़ता रहा। कई स्थानों पर भीड़ के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई।सीवान पहुंचने के बाद लालू यादव ने पचरुखी स्थित एक होटल में रात्रि विश्राम किया। देर रात तक होटल के बाहर समर्थकों और पार्टी नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। शुक्रवार को अदालत में उनकी पेशी के साथ ही 2011 का यह पुराना लाउडस्पीकर प्रकरण एक बार फिर सीवान की सियासत और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

रिपोर्ट- ताबिश इरशाद