Bihar News: गैस माफियाओं के सिंडिकेट पर प्रशासन का बरसा डंडा, डीएम के रेड से मची खलबली, कालाबाजारी का खेल हुआ बेपर्दा
Bihar News: बिहार में गैस की किल्लत का झूठा खौफ फैलाकर चांदी काटने वाले गैस माफियाओं की अब खैर नहीं।...
Bihar News:बिहार में गैस की किल्लत का झूठा खौफ फैलाकर चांदी काटने वाले गैस माफियाओं की अब खैर नहीं। सीवान के जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने कालाबाजारी के इस नापाक खेल को नेस्तनाबूद करने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। जहां एक तरफ जनता सिलेंडरों के लिए दर-दर भटक रही थी, वहीं प्रशासन की पैनी नजर ने इस साजिश की जड़ें खोद निकाली हैं।
महाराजगंज अनुमंडल की शकुंतला गैस एजेंसी के खिलाफ जब शिकायतों का अंबार लगा, तो डीएम खुद मिशन मोड में जांच करने पहुंच गए। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने प्रशासन के होश उड़ा दिए। स्टॉक में हेराफेरी और अनियमितताओं की पोल खुलते ही डीएम के आदेश पर एजेंसी संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई है। इस स्ट्राइक के बाद से जिले के अन्य मुनाफाखोरों में हड़कंप मच गया है।
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने साफ कर दिया है कि जिले में गैस का कोई अकाल नहीं है, बल्कि यह सिंडिकेट द्वारा पैदा की गई एक कृत्रिम किल्लत है। प्रशासन ने स्टॉक का जो खाका पेश किया है, वह चौंकाने वाला है:
गैस कंपनी डीलरों की संख्या उपलब्ध सिलेंडर
इंडेन (IOCL) 30 डीलर 12,873
भारत गैस (BPCL) 10 डीलर 4,866
हिंदुस्तान गैस (HPCL) 08 डीलर 2,137
कुल योग 48 एजेंसियां 19,876
जिला प्रशासन ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को औचक छापेमारी के सख्त निर्देश दिए हैं।गैस की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से एक धेला भी ज्यादा लेना जुर्म की श्रेणी में आएगा। जो भी जनता के हक पर डाका डालेगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इन जमाखोरों के झांसे में न आएं। अगर कोई एजेंसी संचालक अवैध वसूली करता है या स्टॉक होने के बावजूद मना करता है, तो तुरंत इसकी इत्तला प्रशासन को दें। सीवान प्रशासन की यह नकेल उन लोगों के लिए आखिरी चेतावनी है जो आपदा में अवसर तलाश कर रहे थे। अब देखना यह है कि इस कानूनी हंटर के बाद गैस माफिया अपना बोरिया-बिस्तर समेटते हैं या प्रशासन की गिरफ्त में आते हैं।
रिपोर्ट- ताबिश इरशाद