Bihar News : सिवान पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा में 2 'मुन्ना भाई' को किया गिरफ्तार, मोतिहारी और गोपालगंज में भी दे चुके हैं परीक्षा
Bihar News : सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े पर सिवान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है.....पढ़िए आगे
SIWAN : बिहार में केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के खिलाफ सिवान पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने परीक्षा के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए आज दो फर्जी अभ्यर्थियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में फर्जी और जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया है और पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सिवान शहर के दो प्रमुख परीक्षा केंद्रों—सरस्वती शिशु मंदिर और दाउद मेमोरियल उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल पर की गई। सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम और द्वितीय पाली के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम को इन दोनों परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर शक हुआ। कड़ाई से की गई जांच और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान दोनों परीक्षार्थियों को संदिग्ध पाते हुए पुलिस टीम ने उन्हें परीक्षा केंद्र से ही हिरासत में ले लिया।
थाने लाकर जब दोनों संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे असली परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर उनके स्थान पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने आए थे। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से फर्जी तरीके से तैयार किए गए जाली प्रवेश पत्र, जाली आधार कार्ड और अन्य फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए। इन सभी दस्तावेजों में दिए गए विवरण और उनकी असली पहचान में भारी भिन्नता पाई गई।
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इनमें पहला आरोपी सियाराम कुमार है, जो पटना जिले के पीरबहोर थाने का रहने वाला है और उसके पिता का नाम त्रिलोकी कुमार है। वहीं, दूसरा आरोपी गौतम कुमार है, जो जहानाबाद जिले के मंझोश थाना क्षेत्र के भीमपुरा गांव का निवासी है और उसके पिता का नाम राजेश्वर यादव है। पुलिस इन दोनों के आपराधिक इतिहास और इस धांधली के लिए तय की गई रकम के बारे में पूछताछ कर रही है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे इस नेटवर्क के जरिए पहले भी कई सेंटरों पर सेंध लगा चुके हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी साल 14 जून 2026 को वे मोतिहारी और गोपालगंज जिलों में भी इसी तरह दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर सिपाही भर्ती की परीक्षा दे चुके हैं। सिवान पुलिस ने बताया कि इस खुलासे के बाद पूरे अंतरजिला रैकेट और इसमें संलिप्त अन्य मास्टरमाइंड्स व दलालों की पहचान करने के लिए विशेष टीम का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
ताबिश की रिपोर्ट