सुपौल में हाईवे सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: 10 जून तक हटेंगे राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी अवैध अतिक्रमण और पार्किंग

बिहार के सुपौल में NH को सुरक्षित और जाम मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अल्टीमेटम जारी कर दिया है। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की हाई-लेवल बैठक में बड़ा फैसला लिया...

सुपौल में हाईवे सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: 10 जून तक हटेंगे रा
सुपौल में हाईवे सुरक्षा पर प्रशासन सख्त- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, अवैध अतिक्रमण और भारी वाहनों की अनअनियंत्रित पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा से संबंधित जनहित याचिका में पारित आदेशों तथा बिहार सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देशों के आलोक में बुधवार को समाहरणालय में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस और जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव सज्जन् सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और एनएच के किनारे व्यवसाय करने वाले संचालक मौजूद रहे।


10 जून तक अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य, अंचलाधिकारियों और थानाध्यक्षों को कड़े निर्देश

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि हाईवे को अतिक्रमण मुक्त रखना सड़क सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी कदम है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध अतिक्रमणों और लंबे समय से लावारिस खड़े वाहनों की सूची तत्काल तैयार करें। डीएम ने आदेश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अतिक्रमणकारियों को अविलंब नोटिस जारी किया जाए और संबंधित अंचलाधिकारी (CO) व थानाध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर हर हाल में 10 जून 2026 तक सभी अवैध अतिक्रमणों को पूरी तरह हटाना सुनिश्चित किया जाए।


अवैध पार्किंग और भारी वाहनों पर चलेगा पुलिस-परिवहन विभाग का संयुक्त अभियान

हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन अक्सर भीषण हादसों का कारण बनते हैं। इस जानलेवा समस्या से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्देश दिया है। एनएचएआई को ऐसे संवेदनशील स्थलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, जहां नियमित रूप से ट्रक और अन्य भारी वाहन अवैध रूप से खड़े किए जाते हैं। इसके साथ ही डीएम ने एनएचएआई को भारी वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग के लिए आवश्यकतानुसार पार्किंग बे (Parking Bay) और ट्रक ले-बाय (Truck Lay-by) विकसित करने के साथ-साथ पर्याप्त चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए हैं।


अवैध होर्डिंग, व्यावसायिक ढांचे और नए अतिक्रमण पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध

हाईवे के राइट ऑफ वे (ROW) यानी सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, एलईडी डिस्प्ले और हाई-मास्ट लाइट जैसी व्यावसायिक संरचनाओं को भी नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस ने सभी थानाध्यक्षों को नियमित और रात्रिकालीन गश्ती के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जिन स्थानों से एक बार अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, वहां दोबारा अनधिकृत कब्जा नहीं होना चाहिए। यदि कहीं भी नया अतिक्रमण या अवैध निर्माण पाया जाता है, तो संबंधित थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।


पेट्रोल पंप, ढाबा संचालकों को अंतिम चेतावनी और ब्लैक स्पॉट्स में होगा सुधार

बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित पेट्रोल पंप, होटल, ढाबा और धर्मकांटा संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि उनके प्रतिष्ठानों के सामने सड़क पर वाहनों की कतारें नहीं लगनी चाहिए। सभी संचालकों को अपने परिसर के अंदर पर्याप्त पार्किंग विकसित करनी होगी। इसके अलावा, बैठक में एनएच के दुर्घटना संभावित स्थलों यानी 'ब्लैक स्पॉट्स' की भी समीक्षा की गई, जहाँ क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों को मजबूत किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ दुर्घटना के 'गोल्डन ऑवर' में त्वरित चिकित्सा सहायता और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट