लंबित कांडों पर पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, एसपी ने थानाध्यक्षों को दिए 300 दिनों से पुराने मामलों को निपटाने के सख्त निर्देश
सुपौल एसपी ने जिले की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान उन्होंने 300 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा की और थानाध्यक्षों को फरार अपराधियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया है।
Supaul -
सुपौल। जिले में लंबे समय से लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर सुपौल पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक सरथ आरएस के स्पष्ट आदेश पर जिले के सभी अंचल निरीक्षकों और थानाध्यक्षों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा उन मामलों का निपटारा करना था जो पिछले 300 दिनों या उससे अधिक समय से फाइलों में दबे हुए हैं।
जांच की गति और गुणवत्ता सुधारने की हिदायत
बैठक के दौरान लंबित कांडों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए एसपी ने अनुसंधान (Investigation) की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुसंधान की गति के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता में भी सुधार लाया जाए। एसपी ने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी स्थिति में पुराने मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा। प्रत्येक कांड का एक निश्चित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करना हर थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी।
CCCTNS प्रविष्टि में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। सभी थानों को निर्देशित किया गया कि मामलों की प्रारंभिक प्रविष्टि और अद्यतन स्थिति तुरंत दर्ज हो। साथ ही चार्जशीट और केस के निष्पादन का विवरण समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसके अलावा डाटा एंट्री में पारदर्शिता बरती जाए ताकि अपराधियों की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो सके।
फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलेगा विशेष अभियान
कानून-व्यवस्था को और सख्त करने के उद्देश्य से एसपी ने फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बरामदगी से जुड़े मामलों में पुलिस को और अधिक सक्रियता दिखानी होगी। वांछित अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करना सुपौल पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पारदर्शिता और जन-विश्वास पर जोर
पुलिस अधीक्षक सरथ आरएस ने बैठक के अंत में कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस समीक्षा बैठक के जरिए जिले के सभी अपराधियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट: विनय कुमार मिश्र