सुपौल में डीएम का जनता दरबार: जिलाधिकारी ने सुनीं 69 फरियादियों की समस्याएं, अधिकारियों को समय सीमा में निष्पादन का निर्देश
प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे...
Supaul : आम जनता की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सुपौल समाहरणालय परिसर में जिला जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न दूर-दराज के प्रखंडों और पंचायतों से आए लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित कुल 69 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उन्होंने एक-एक कर बेहद गंभीरता से सुना।
भूमि विवाद और जन कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामले आए सामने
जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी त्रुटियों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने में हो रही देरी, प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, शिक्षा, स्वास्थ्य, अवैध अतिक्रमण और विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र निर्गत न होने जैसी गंभीर प्रशासनिक समस्याएं उठाई गईं। जिलाधिकारी ने इन सभी आवेदनों की गहन समीक्षा की और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
फरियादियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी आम नागरिक को अपने जायज काम या समस्या के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के निष्पादन में पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ऑन द स्पॉट समाधान से फरियादियों को मिली राहत
जनता दरबार की खास बात यह रही कि जिलाधिकारी ने कई मामलों की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही संबंधित अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से दूरभाष (फोन) पर संपर्क किया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली और कुछ शिकायतों का ऑन द स्पॉट (तत्काल) समाधान करने का निर्देश जारी किया। सीधे जिले के मुखिया के समक्ष अपनी बात रखने और प्रशासन की त्वरित कार्यशैली को देखकर जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों ने गहरी संतुष्टि और संतोष व्यक्त किया।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राप्त सभी 69 आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर रजिस्टर्ड किया जाए और इनकी नियमित निगरानी की जाए ताकि लंबित मामलों की समीक्षा की जा सके। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे। इनमें मुख्य रूप से निदेशक एनईपी डीआरडीए अनित कुमार, जिला नजारत उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) अमित कुमार, वरीय उप समाहर्ता पुष्पा कुमारी और वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट