सुपौल में बड़ा हादसा: घर के बरामदे में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, चार दिन पहले ही परदेस से लौटा था घर

सुपौल जिले के छातापुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह घर के बरामदे में गिरे बिजली के घरेलू तार की चपेट में आने से 36 वर्षीय मजदूर मो. मैसरुद्दीन की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। चार दिन पहले ही परदेस से मजदूरी कर घर लौटा था..

सुपौल में बड़ा हादसा: घर के बरामदे में करंट लगने से युवक की
करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या छह में मंगलवार के पूर्वाहन (सुबह) एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां घर के बरामदे में अचानक गिरे बिजली के घरेलू तार की चपेट में आने से एक 36 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान स्थानीय मो. मैसरुद्दीन के रूप में की गई है। इस असमय मौत के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।


घर में कोई नहीं था मौजूद; 8 साल के मासूम बेटे ने पिता को तड़पते देख मचाया शोर

मिली जानकारी के अनुसार, मो. मैसरुद्दीन मंगलवार सुबह अपने कमरे से निकलकर आंगन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बरामदे के ऊपर से गुजर रहा एक घरेलू बिजली का तार अचानक टूटकर उनके शरीर पर गिर गया। उस समय घर में कोई दूसरा बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके कारण वे करंट की चपेट में आकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के कुछ देर बाद जब उनके 8 वर्षीय पुत्र मो. साकिम ने पिता को बरामदे पर अचेत और गिरा हुआ देखा, तो उसने रोते-चीखते हुए शोर मचाना शुरू किया।


बांस-बल्ले से तार हटाकर अस्पताल ले गए ग्रामीण, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

मासूम बच्चे की चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के पड़ोसी और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। स्थिति को भांपते हुए ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और सूखे बांस-बल्ले की मदद से मैसरुद्दीन के शरीर पर गिरे बिजली के तार को अलग किया। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए एक नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।


परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था मृतक, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

परिजनों ने रोते हुए बताया कि मैसरुद्दीन ही पूरे परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जो बाहरी राज्यों (परदेस) में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। वे अभी महज चार दिन पहले ही परदेस से कमाकर अपने घर लौटे थे। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां (जिनमें से एक की शादी हो चुकी है) और एक बेटा छोड़ गए हैं। पति की मौत से दुखों का पहाड़ टूटने के बाद पत्नी सहरून खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है और होश आने पर बस यही रट लगा रही है कि—"अब परिवार का भरण-पोषण और दोनों बेटियों की शादी कैसे होगी?"


पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा; जनप्रतिनिधियों ने बंधाया ढांढस

घटना की भनक लगते ही मृतक के घर पर सांत्वना देने वाले ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा सूचित किए जाने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर मामले की आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इधर, इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि मो. हासिम और पूर्व पंचायत समिति सदस्य मो. नशिम आदि ने मृतक के घर पहुँचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाया।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट