पर्यावरण दिवस पर सुपौल व्यवहार न्यायालय में गूंजा 'पौधरोपण' का संकल्प, न्यायिक पदाधिकारियों ने लगाए पौधे
Supaul : विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर सुपौल न्याय मंडल के व्यवहार न्यायालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकार) अनंत सिंह के गरिमामयी दिशा-निर्देश पर पूरे कोर्ट परिसर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिलीप कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पहला पौधा लगाकर की।
न्यायिक दंडाधिकारियों ने लिया पर्यावरण को बेहतरीन बनाने का संकल्प
उद्घाटन के बाद सुपौल न्याय मंडल के सभी न्यायिक दंडाधिकारियों ने एक-एक कर न्यायालय प्रांगण में छायादार और फलदार पौधे रोपे। पौधे लगाने के साथ ही सभी न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने तथा पर्यावरण को स्वच्छ व बेहतरीन बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित जजों ने कहा कि वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते तापमान जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण ही एकमात्र और सबसे प्रभावी उपाय है, जिसे हमें अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करना होगा।
वरिष्ठ जजों और प्राधिकार के सचिव ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
इस विशेष पर्यावरण अभियान को सफल बनाने में जिले के वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारियों का पूरा सहयोग मिला। कार्यक्रम के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार, और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक मिश्रा ने स्वयं अपने हाथों से मिट्टी तैयार कर पौधरोपण किया। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) रामचंद्र प्रसाद ने भी इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आम लोगों से भी पेड़ लगाने की अपील की।
युवा जजों के उत्साह से सफल हुआ हरित अभियान
न्यायालय परिसर को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के इस अभियान में न्याय मंडल के युवा जजों का उत्साह देखते ही बनता था। न्यायिक दंडाधिकारी शोभित सौरभ, श्वेताभ शांडिल्य, राखी कुमारी, प्रकाश आनंद, और प्रियांशी ने भी उत्साहपूर्वक अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाकर इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल और सार्थक बनाया। इन युवा अधिकारियों ने संदेश दिया कि न्याय की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हर नागरिक का संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है।
न्यायिक जगत से समाज को पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश
अदालत परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और वादकारियों (मुकदमों के सिलसिले में आने वाले लोगों) के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारियों ने कहा कि कोर्ट परिसर में लगाए गए इन पौधों की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी ली जाएगी ताकि ये बड़े होकर परिसर को शुद्ध हवा और छाया प्रदान कर सकें। इस सफल आयोजन की चर्चा पूरे सुपौल जिले में हो रही है और इसे न्यायपालिका की ओर से सामाजिक सरोकार की दिशा में एक बेहतरीन कदम माना जा रहा है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट