शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा को मिला 'कुशल तूलिकाकार सम्मान', सुपौल जिले का बढ़ा मान
राजकीय बबुजन विशेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल के शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभा और रचनात्मक लेखन के लिए प्रतिष्ठित "कुशल तूलिकाकार सम्मान" से सम्मानित किया गया है...
Supaul : राजकीय बबुजन विशेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल में पदस्थापित शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभा और रचनात्मक लेखन के लिए "कुशल तूलिकाकार सम्मान" से सम्मानित किया गया है। डॉ. राणा को यह सम्मान मिलने से पूरे जिले के शैक्षणिक और सांस्कृतिक गलियारों में गर्व की लहर है।
"पिता घर का सारथी है" विषय पर जीती प्रतियोगिता
यह प्रतिष्ठित सम्मान 'अंतरराष्ट्रीय कलम के सशक्त हस्ताक्षर मंच' द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन साहित्यिक प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट सृजन के लिए प्रदान किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय "पिता घर का सारथी है" था, जिस पर डॉ. राणा ने एक अत्यंत प्रभावशाली एवं भावनात्मक रचना प्रस्तुत कर निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
मंच के संस्थापक अध्यक्ष विनोद वर्मा दुर्गेश ने डॉ. राणा को सम्मान-पत्र सौंपते हुए उनके लेखन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. राणा की साहित्यिक अभिरुचि और उनकी कलम से निकला सृजनात्मक लेखन वर्तमान समाज को एक सकारात्मक और नई दिशा देने का बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। सम्मान के साथ ही उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की मंगलकामना भी की गई।
शिक्षा और साहित्य का अद्भुत समन्वय
डॉ. रणधीर कुमार राणा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय और अनुकरणीय भूमिका निभाने के साथ-साथ साहित्यिक गतिविधियों में भी निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान देते आ रहे हैं। उनका यह दोहरा समर्पण समाज और छात्रों दोनों के लिए प्रेरणास्रोत है।
सहकर्मियों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर
उनकी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से विद्यालय परिवार, स्थानीय शिक्षकों तथा साहित्य प्रेमियों में जबरदस्त हर्ष का माहौल है। विद्यालय के सहकर्मियों एवं उनके शुभचिंतकों ने डॉ. राणा को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बड़ी उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत रूप से उनके लिए, बल्कि पूरे विद्यालय और सुपौल जिले के लिए एक बड़ा गौरव है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट