कोशी नदी के कटाव से थर्राया सुपौल का यह गांव, डीएम का 3 दिनों में फ्लड फाइटिंग शुरू करने का अल्टीमेटम

Bihar News : डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव के निर्देश पर जिलाधिकारी सावन कुमार ने कोशी नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओंं से अवगत हुए...

कोशी नदी के कटाव से थर्राया सुपौल का यह गांव, डीएम का 3 दिनो
डीएम ने कोशी नदी में हो रहे कटाव का लिया जायजा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के गोपालपुर सिरे पंचायत स्थित मरीचा गांव में कोशी नदी के तेजी से बढ़ते कटाव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बिहार सरकार के डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव के कड़े निर्देश के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने जमीनी स्तर पर कटाव की भयावह स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना।


नेताओं और अधिकारियों के साथ जमीनी हकीकत का जायजा

डीएम सावन कुमार के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के जिला महासचिव ओम प्रकाश यादव, सचिव राज कुमार साह और महबूब आलम भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों और स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए जिला पदाधिकारी ने कोशी नदी के रौद्र रूप और इससे हो रहे तीव्र कटाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने माना कि स्थिति गंभीर है और इस पर तुरंत प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत है।


ग्रामीणों ने बयां किया दर्द: खेती की जमीन निगल रही कोशी, घरों पर मंडराया खतरा

दौरे के क्रम में मरीचा गांव के स्थानीय निवासियों ने जिला पदाधिकारी को अपनी आपबीती सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रहे भू-कटाव के कारण कई परिवारों के आशियाने उजड़ने की कगार पर हैं, जिससे पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही, किसानों की उपजाऊ और खेती योग्य कीमती जमीन भी लगातार नदी में विलीन होती जा रही है, जिससे ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


जल संसाधन विभाग को सख्त हिदायत: 3 दिनों में शुरू हो काम

ग्रामीणों की गंभीर समस्या और आक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों की क्लास लगाई। डीएम सावन कुमार ने अधिकारियों को बेहद कड़े शब्दों में और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अगले तीन दिनों के भीतर हर हाल में 'फ्लड फाइटिंग' (बाढ़ व कटाव निरोधी कार्य) का काम जमीनी स्तर पर शुरू हो जाना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ताकि समय रहते गांव को सुरक्षित किया जा सके।


प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों को जगी राहत की उम्मीद

सुपौल जिला प्रशासन और स्वयं डीएम द्वारा दिए गए इस कड़े और त्वरित निर्देश के बाद मरीचा गांव के स्थानीय लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। ग्रामीणों को अब यह पूरी उम्मीद जगी है कि अगले 72 घंटों के भीतर कटाव निरोधी कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो जाएगा, जिससे न केवल उनके घरों को कोशी की लहरों से बचाया जा सकेगा, बल्कि गांव का अस्तित्व भी सुरक्षित रह पाएगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट