सुपौल में वैश्य महासम्मेलन का हुआ आयोजन, केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की उठी मांग

सुपौल में वैश्य महासभा का पांचवां स्थापना दिवस सह राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में कथबनिया व कैथल वैश्य समुदाय को केंद्रीय ओबीसी की सूची में शामिल करने की मांग उठी, जिसे मुख्य अतिथि विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार जायज ने बताया...

सुपौल में वैश्य महासम्मेलन का हुआ आयोजन, केंद्रीय ओबीसी सूची
वैश्य महासम्मेलन में शामिल हुए विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के सिमराही बाजार स्थित एक होटल परिसर में रविवार को अखिल सिंदुरिया बनिया, कथबनिया एवं कैथल वैश्य महासभा के बैनर तले पांचवें स्थापना दिवस सह राष्ट्रीय महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में बिहार समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के हजारों लोगों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता और सामाजिक ताकत का अहसास कराया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार सरकार की मंत्री शीला मंडल और स्थानीय सांसद दिलेश्वर कामैत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस सम्मेलन में बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की।


स्थापना दिवस संघर्ष और भविष्य की दिशा तय करने का मंच: डॉ. प्रेम कुमार

महासम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि किसी भी संगठन का स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह समाज के संघर्षों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने देश के विकास में वैश्य समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वैश्य समाज ने समाज में ईमानदारी, कड़े परिश्रम और उद्यमिता (बिजनेस) की परंपरा को मजबूत किया है।


युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा समाज

विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और मजबूत संगठन को ही किसी भी समाज के विकास का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद वैश्य समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर आधुनिक शिक्षा, उन्नत तकनीक और नए नवाचारों (स्टार्टअप्स) को अपनाएं। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को समाज की उन्नति के लिए बेहद जरूरी बताया। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सामाजिक समरसता और समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सहयोग की भावना ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।


कथबनिया और कैथल वैश्य को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग, सीएम को सौंपा ज्ञापन

इस राष्ट्रीय महासम्मेलन के दौरान महासभा की ओर से माननीय मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया। इस ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि कथबनिया एवं कैथल वैश्य समुदाय को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में सिंदुरिया बनिया जाति के साथ शामिल कराया जाए। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को जल्द अनुशंसा भेजी जाए। महासभा का तर्क है कि ये तीनों समुदाय मूल रूप से एक ही जाति के अलग-अलग उपनाम (सरनेम) हैं और इनके बीच सदियों से रोटी-बेटी (सामाजिक एवं वैवाहिक) का गहरा संबंध रहा है।


जल्द दिल्ली जाएगा प्रतिनिधिमंडल, आबादी के अनुपात में मिले राजनीतिक हिस्सेदारी

महासभा की इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समाज का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली का दौरा करेगा और केंद्र सरकार के समक्ष इस मांग को मजबूती से रखेगा। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि कथबनिया और कैथल वैश्य समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल कराने का यह प्रयास जरूर सफल होगा। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि लोकतंत्र में जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से वैश्य समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।


समाज की एकता और अधिकारों के लिए संघर्ष का लिया गया सामूहिक संकल्प

इस ऐतिहासिक महासम्मेलन की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार दास ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में संरक्षक बिरेंद्र दास और मुख्य संयोजक अभिनंदन दास की भूमिका सराहनीय रही। सम्मेलन के समापन पर देश भर से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने समाज की चौमुखी एकता, उच्च शिक्षा के प्रसार, सांगठनिक मजबूती और अपने हक-अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण व संवैधानिक संघर्ष को और तेज करने का सामूहिक संकल्प लिया।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट