वीरपुर की बेटियों ने बढ़ाया सुपौल का मान: राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शुक्राना को रजत और अंकिता को मिला पदक, जिले में जश्न
पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 92वीं बिहार राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में सुपौल जिले के वीरपुर की दो बेटियों ने पदक जीतकर पूरे जिले का नाम रोशन किया है...
supaul : कहते हैं कि सपनों की उड़ान के लिए बड़े शहरों की चकाचौंध नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। इस कहावत को अक्षरशः सच साबित कर दिखाया है सुपौल जिले के वीरपुर की दो होनहार बेटियों—शुकराना परवीन और अंकिता कुमारी ने। सीमित संसाधनों और तमाम आर्थिक चुनौतियों के बीच इन दोनों महिला खिलाड़ियों ने पटना में आयोजित 92वीं बिहार राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल पदक जीते, बल्कि पूरे सुपौल जिले का नाम राज्य स्तर पर रोशन कर दिया है।
शॉटपुट और रिले रेस में दिखाया दम
पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 10 से 13 जून तक आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में वीरपुर की दोनों एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता के दौरान शुक्राना परवीन ने शॉटपुट (गोला फेंक) स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) पर कब्जा जमाया। वहीं, अंकिता कुमारी ने अपनी रफ्तार और सटीक तालमेल के बदौलत रिले रेस स्पर्धा में पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और वे किसी भी बड़े मंच पर सफलता का परचम लहरा सकती हैं।
संघर्षों से तपकर निखरा है दोनों का हुनर
इन दोनों महिला खिलाड़ियों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसके पीछे इनके परिवारों का एक लंबा और कड़ा संघर्ष छिपा हुआ है। पदक विजेता अंकिता कुमारी के पिता संजय भगत एक छोटी सी किराना दुकान चलाकर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि शॉटपुट में चांदी का तमगा जीतने वाली शुक्राना परवीन के पिता पेशे से ऑटो चालक हैं और ऑटो चलाकर घर की जिम्मेदारी संभालते हैं। घर की तंगहाली और आर्थिक तंगी कभी भी इन बेटियों के ऊंचे हौसलों के आगे आड़े नहीं आ सकी।
खेलो इंडिया और एकलव्य संस्था ने तराशा
खिलाड़ियों ने बताया कि उनके खेल का यह सफर वीरपुर स्टेडियम से 'खेलो इंडिया' योजना के तहत शुरू हुआ था। मैदान पर उनकी लगन और बेहतरीन खेल को देखते हुए हाल के दिनों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इन दोनों का चयन किया गया था। इसके बाद राज्य सरकार की 'एकलव्य खेल आवासीय संस्था' के कुशल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्हें पेशेवर (प्रोफेशनल) ट्रेनिंग दी गई। इसी आधुनिक और कड़े प्रशिक्षण का नतीजा है कि आज दोनों बेटियां मैदान में पदक जीतकर सामने आई हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की जगी उम्मीद
वीरपुर की इन दो बेटियों की शानदार कामयाबी से पूरे सुपौल जिले और विशेषकर वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और खेल संगठनों का मानना है कि यदि इन ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सरकार की ओर से लगातार ऐसी ही बेहतर खेल सुविधाएं, आधुनिक ट्रैक और उचित अवसर मिलते रहे, तो आने वाले समय में ये बेटियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फलक पर भी देश का तिरंगा लहराएंगी। इन बेटियों की सफलता कोसी क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट