Bihar Boat Sinks: गंगा की तेज धार में नाव डूबी, 6 लोग फंसे,अंधेरे और तेज बहाव में शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

Bihar Boat Sinks: गंगा नदी में देर रात नाव डूबने की खबर से हड़कंप मच गया। नाव पर छह लोग और छह भैंसें सवार थीं। अंधेरा, गंगा की तेज धार और डूबती नाव के बीच जिंदगी और मौत का संकट खड़ा हो गया।...

Bihar Boat Sinks: गंगा की तेज धार में नाव डूबी, 6 लोग फंसे,अ
गंगा की तेज धार में नाव डूबी- फोटो : reporter

Bihar Boat Sinks:  गंगा नदी में देर रात नाव डूबने की खबर से हड़कंप मच गया। नाव पर छह लोग और छह भैंसें सवार थीं। अंधेरा, गंगा की तेज धार और डूबती नाव के बीच जिंदगी और मौत का संकट खड़ा हो गया। सूचना मिलते ही महनार प्रशासन और SDRF की टीम ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद नाव पर सवार सभी लोगों और भैंसों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।घटना वैशाली राघोपुर के शिवनगर की ओर से आ रही नाव से जुड़ी है। देर रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर नाव के गंगा में डूबने की सूचना मिली। सूचना ERSS के जरिए पुलिस मुख्यालय तक पहुंची। इसके बाद महनार SDM अंकित कुमार ने तत्काल SDRF टीम को सक्रिय किया।SDM के निर्देश पर SDRF की टीम ने बिना वक्त गंवाए गंगा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन हसनपुर-समस्तीपुर के मोहद्दीनगर पत्थर घाट के आसपास चलाया गया। चुनौती बड़ी थी—चारों तरफ अंधेरा और गंगा की तेज धार। इसके बावजूद SDRF के जवानों ने तेजी से ऑपरेशन आगे बढ़ाया।

काफी मशक्कत के बाद टीम ने नाव पर सवार सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नाव पर मौजूद छह भैंसों को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। समय रहते SDRF की टीम के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में महनार SDM अंकित कुमार के नेतृत्व और RO पूजा राय की तत्परता अहम रही। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल SDRF को सक्रिय किया, जिसके बाद टीम ने अंधेरे और उफनती धार के बीच अभियान चलाया।

इस घटना ने एक बार फिर गंगा में रात के समय नाव परिचालन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की अहमियत सामने ला दी है। हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रशासन और SDRF की मुस्तैदी से नाव पर सवार 6 लोगों और 6 भैंसों समेत कुल 12 जिंदगियां सुरक्षित बचा ली गईं।

देर रात शुरू हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन कुछ देर के लिए बेहद जोखिम भरा बन गया था, लेकिन राहत की बात रही कि सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार