गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट
गंगा के बढ़ते जलस्तर और उसके बैक वॉटर के प्रभाव के कारण गंडक नदी का पानी वैशाली जिले के तटीय इलाकों में तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। जिले के लालगंज में नदी खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.......
Vaishali : पड़ोसी देश नेपाल और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बाद बिहार में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाल्मीकि बराज से 1 लाख 63 हजार 800 क्यूसेक और इंद्रपुरी बराज से 5 लाख 39 हजार 699 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और गंडक दोनों नदियां उफान पर हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर और उसके बैक वॉटर के प्रभाव के कारण गंडक नदी का पानी वैशाली जिले के तटीय इलाकों में तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।
लालगंज में खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है नदी
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वैशाली के लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। नदी के जलस्तर में लगभग 1.66 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और तत्काल किसी बड़े विनाश की आशंका नहीं है, लेकिन स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है।
तटबंधों पर 24 घंटे गश्त, जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में
जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए वैशाली जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। सहायक अभियंता जनार्दन सिंह विभागीय टीम के साथ लालगंज क्षेत्र के संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे लगातार गश्त कर रहे हैं। तटबंधों की मजबूती, नदी के बहाव और कटाव की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
प्रशासन की अपील: तटीय इलाकों के लोग रहें सावधान, बच्चों-मवेशियों को रखें दूर
सम्भावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाने, बच्चों को पानी से दूर रखने और मवेशियों को किनारे न चराने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, तटबंधों में किसी भी प्रकार का रिसाव या कटाव दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या जल संसाधन विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
गंगा के बैक वॉटर प्रभाव और आने वाले घंटों पर बनी हुई है नजर
गंगा नदी में प्रति घंटे हो रही जलस्तर वृद्धि से गंडक के पानी का निकास धीमा हो गया है, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग की टीमें अगले कुछ घंटों में जलस्तर की गति और बहाव पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधन तैयार हैं।
रिषभ की रिपोर्ट