Bihar Flood: सिक्स लेन पर गंगा का सैलाब, तेजस्वी के विधानसभा क्षेत्र के 14 गांव पानी में डूबे,देखिए तस्वीरें

Bihar Flood:गंगा के बढ़ते पानी ने तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।...

Ganga Floods Six Lane Road 14 Vaishali Villages Cut Off
तेजस्वी के विधानसभा क्षेत्र के 14 गांव पानी में डूबे- फोटो : reporter

Bihar Flood:गंगा के बढ़ते पानी ने वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कच्ची दरगाह सिक्स लेन क्षेत्र में पिलर नंबर 28 से 40 तक सड़क पर गंगा का पानी फैल गया है। मुख्य मार्ग के डूबने से करीब 14 गांवों के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने से परेशानी और बढ़ गई है।ग्रामीणों के मुताबिक यह सड़क जहांगीरपुर, जफराबाद, सुकुमारपुर, परोहा समेत करीब 14 गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। बाढ़ का पानी सड़क पर फैल जाने के बाद लोगों को आने-जाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सामान्य दिनों में जिस रास्ते से लोग आसानी से पटना और हाजीपुर की ओर जाते थे, वही मार्ग अब पानी में डूबा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा स्थिति इतनी खराब है कि कई लोगों को करीब तीन किलोमीटर तक गंगा के पानी में पैदल चलकर पिलर नंबर 22 के पास पहुंचना पड़ रहा है। इसके बाद ही वे पटना या हाजीपुर की तरफ जाने के लिए आगे बढ़ पा रहे हैं।सड़क पर पानी भरने के साथ कई स्थानों पर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से हादसे का खतरा भी बना हुआ है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवाजाही में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर सिक्स लेन सड़क का निर्माण करते समय इसकी ऊंचाई और जलनिकासी व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता तो हर साल बाढ़ के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।लोगों का सवाल है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सिक्स लेन मार्ग का वास्तविक लाभ आसपास के ग्रामीणों को कैसे मिलेगा, जब बाढ़ के समय उनका मुख्य संपर्क मार्ग ही पानी में डूब जाए।ग्रामीणों के मुताबिक पिलर नंबर 40 के पास सड़क का ढाल बेहतर तरीके से बनाया जाता तो पानी की निकासी संभव हो सकती थी। इससे पटना और हाजीपुर की ओर आवागमन भी सुचारु रह सकता था।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। लोगों की प्रमुख मांगों में सड़क की ऊंचाई बढ़ाना, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करना और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शामिल है।ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ के समय यही संकट दोहराता है। यदि इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में भी हजारों लोगों को आवागमन के लिए पानी और कीचड़ के बीच संघर्ष करना पड़ेगा।

अब ग्रामीण सिर्फ तत्काल राहत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि ऐसी स्थायी सड़क व्यवस्था चाहते हैं जो बाढ़ के दौरान भी 14 गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़े रखे। लोगों का कहना है कि अधिकारी कागजी रिपोर्ट के बजाय मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और जलनिकासी तथा सड़क की ऊंचाई को लेकर ठोस योजना तैयार करें।गंगा का पानी फिलहाल ग्रामीणों के लिए सिर्फ बाढ़ नहीं, बल्कि आवागमन और रोजमर्रा की जिंदगी पर लगा ब्रेक बन गया है। करोड़ों की सड़क के बावजूद मुख्य संपर्क मार्ग का डूबना निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार