Bihar Flood: गंगा-गंडक का रौद्र रूप! मंदिर से थाना तक डूबा, 5 फीट पानी में भी खाकी का गश्त

Bihar Flood: खेत डूबे, खलिहान डूबे, बाजार डूबा और अब मंदिर से लेकर थाना परिसर तक बाढ़ के पानी में समा गया है।

Bihar Flood: गंगा-गंडक का रौद्र रूप! मंदिर से थाना तक डूबा,
मंदिर से थाना तक डूबा- फोटो : reporter

Bihar Flood: वैशाली में गंगा और गंडक का रौद्र रूप अब तबाही की ऐसी तस्वीर लिख रहा है, जिसे देखकर लोगों की रूह कांप उठे। खेत डूबे, खलिहान डूबे, बाजार डूबा और अब मंदिर से लेकर थाना परिसर तक बाढ़ के पानी में समा गया है। जुरवनपुर में सैलाब ने जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हजारों लोग पानी के बीच फंसे हैं और हर गुजरते घंटे के साथ मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

जुरवनपुर में नदी का पानी पहले निचले इलाकों और खेतों में दाखिल हुआ। लोगों को उम्मीद थी कि पानी कुछ देर में थम जाएगा, लेकिन सैलाब का मिजाज बदलता गया। देखते ही देखते मंदिर और बाजार भी पानी की गिरफ्त में आ गए। अब जुरवनपुर थाना परिसर भी जलमग्न है। थाने के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।

सबसे भयावह तस्वीर राघोपुर से जुरवनपुर जाने वाली मुख्य सड़क की है। सड़क पर करीब पांच फीट से ज्यादा पानी बह रहा है। पानी इतना फैल चुका है कि सड़क और बाजार के बीच का फर्क तक मिट गया है। जिन रास्तों पर कुछ दिन पहले तक लोगों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब सिर्फ पानी का सैलाब दिखाई दे रहा है।इस आफत के बीच पुलिसकर्मियों का फर्ज भी कायम है। थाना परिसर में पानी भरने के बावजूद जवान ड्यूटी से पीछे नहीं हटे हैं। पुलिसकर्मी नाव के सहारे इलाके में गश्त कर रहे हैं। सुरक्षित ऊंचे स्थान तक पहुंचकर किसी तरह वर्दी पहनते हैं और फिर बाढ़ के बीच लोगों की सुरक्षा के लिए निकल पड़ते हैं। चारों ओर पानी और सिर पर खतरे के बावजूद खाकी का यह जज्बा काबिल-ए-गौर है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले पांच दिनों से पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। मगर बीती रात से जलस्तर में अचानक तेजी आ गई। कुछ ही घंटों में हालात ने ऐसा पलटा खाया कि मुख्य सड़क, बाजार और थाना परिसर बाढ़ की जद में आ गए।

बाढ़ ने जुरवनपुर में सिर्फ रास्ते नहीं रोके हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को भी कैद कर दिया है। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब चुकी है। बाजार की रौनक खामोशी में बदल गई है और घरों से निकलना भी किसी जोखिम से कम नहीं।गंगा और गंडक की उठती लहरें साफ पैगाम दे रही हैं यह सिर्फ पानी का बढ़ना नहीं, बल्कि हजारों जिंदगियों के सामने खड़ा एक बड़ा इम्तिहान है। सवाल यह है कि सैलाब के इस कहर के बीच कब तक लोग और खाकी पानी से जंग लड़ते रहेंगे?

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार