Bihar Health: सदर अस्पताल में हंगामा, महिला गार्ड के इस बड़े आरोप के बाद फूटा साथियों का गुस्सा

Bihar Health: सदर अस्पताल में वेतन के लिए आवाज उठाना एक महिला सुरक्षा गार्ड को कथित तौर पर भारी पड़ गया।

Bihar Health: सदर अस्पताल में हंगामा,  महिला गार्ड के इस बड़
महिला गार्ड का बड़ा आरोप- फोटो : reporter

Bihar Health: हाजीपुर सदर अस्पताल में वेतन के लिए आवाज उठाना एक महिला सुरक्षा गार्ड को कथित तौर पर भारी पड़ गया। चार महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर डीपीएम से मिलने पहुंची महिला गार्ड के साथ कथित मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला को डीपीएम के चेंबर में बुलाया गया, जहां मौजूद राकेश कुमार ने उसके साथ बदसलूकी की और थप्पड़ मार दिया।घटना की खबर फैलते ही सदर अस्पताल परिसर में तैनात दूसरे सुरक्षा गार्डों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। गार्डों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

बताया जा रहा है कि हाजीपुर सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में महिला और पुरुष गार्ड तैनात हैं। आरोप है कि इन सुरक्षा गार्डों को पिछले करीब चार महीने से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण गार्ड आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।इसी समस्या को लेकर कुछ गार्ड अपनी शिकायत लेकर डीपीएम के पास पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला सुरक्षा गार्ड को डीपीएम के चेंबर में बुलाए जाने की बात सामने आई है।

महिला गार्ड का आरोप है कि चेंबर के भीतर मौजूद राकेश कुमार ने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और बदसलूकी की। महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और उसे थप्पड़ भी मारा गया।आरोप सामने आने के बाद अस्पताल में काम करने वाले दूसरे सुरक्षा गार्डों में नाराजगी बढ़ गई। गार्डों का कहना है कि वे पहले ही कई महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं और जब अपनी मेहनत की कमाई मांगने के लिए आवाज उठाई तो कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया महिला गार्ड के साथ कथित मारपीट की जानकारी जैसे ही अन्य सुरक्षाकर्मियों को मिली, उनमें रोष फैल गया। गार्डों ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।उनका कहना है कि वेतन नहीं मिलने की समस्या का समाधान करने के बजाय अगर शिकायत करने वाले कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभद्रता की जाएगी तो यह बेहद गंभीर मामला है।गार्ड अब पूरे घटनाक्रम की जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पूरे मामले में डीपीएम और आरोपी राकेश कुमार का पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए महिला गार्ड की ओर से लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी।लेकिन सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में चार महीने से वेतन नहीं मिलने और उसके बाद महिला सुरक्षा गार्ड के साथ कथित मारपीट के आरोप ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार