8th Pay Commission: : HRA 40% होने पर Level-5 कर्मचारियों की बढ़ेगी कमाई, जानें कितनी होगी नई रकम

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में HRA बढ़ाने की मांग हो रही है। जानें Level-5 कर्मचारियों के मौजूदा HRA, 40% HRA की संभावित गणना और 8वें वेतन आयोग के बाद कितनी रकम मिल सकती है।

8th Pay Commission

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजर अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर है। खास तौर पर कर्मचारी मकान किराया भत्ता यानी HRA में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से नए फिटमेंट फैक्टर के साथ X श्रेणी के शहरों में HRA की दर बढ़ाने की मांग की गई है।


हालांकि, अभी यह ध्यान रखना जरूरी है कि 8वें वेतन आयोग के तहत HRA की अंतिम दर और कर्मचारियों की नई सैलरी सरकार की आधिकारिक सिफारिशों और फैसले के बाद ही तय होगी। इसलिए 15,768 रुपये या 24,528 रुपये जैसे आंकड़ों को फिलहाल संभावित गणना के तौर पर देखा जाना चाहिए, तय वेतन नहीं।


अभी Level-5 कर्मचारी को कितना HRA मिलता है?


7वें वेतन आयोग के तहत Level-5 कर्मचारी का शुरुआती बेसिक पे 29,200 रुपये है। X श्रेणी के शहरों में 30 प्रतिशत HRA के हिसाब से गणना करें तो यह रकम 8,760 रुपये प्रति माह बैठती है। यानी 29,200 रुपये के बेसिक वेतन का 30 प्रतिशत 8,760 रुपये होता है। यह रकम कर्मचारी के मकान किराए से जुड़े खर्च में मदद करती है।


8वें वेतन आयोग में क्या मांग की जा रही है?


कर्मचारी संगठनों की ओर से नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने के साथ HRA की दर में भी बदलाव की मांग की जा रही है। X श्रेणी के शहरों में HRA को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। अगर उदाहरण के तौर पर बेसिक वेतन 61,320 रुपये मान लिया जाए और HRA की दर 40 प्रतिशत हो, तो HRA की गणना 24,528 रुपये प्रति माह होगी। लेकिन यह केवल प्रस्तावित आंकड़ों पर आधारित गणना है। सरकार ने अभी इसे अंतिम HRA के रूप में मंजूर नहीं किया है।


HRA क्या होता है?


HRA यानी House Rent Allowance वेतन का वह हिस्सा है जो कर्मचारी को घर के किराए के खर्च में मदद के लिए दिया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अलावा कई निजी कंपनियों में भी कर्मचारियों के वेतन पैकेज में HRA शामिल होता है। HRA का एक और फायदा टैक्स से जुड़ा है। पात्र कर्मचारी Old Tax Regime चुनने पर आयकर कानून की धारा 10(13A) के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार HRA पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।


शहर के हिसाब से अलग होती है HRA की दर


सरकारी कर्मचारियों के लिए HRA शहर की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। X श्रेणी में बड़े और महंगे शहर आते हैं, जबकि Y और Z श्रेणी में अपेक्षाकृत कम खर्च वाले शहर शामिल होते हैं। मौजूदा व्यवस्था में X श्रेणी के शहरों के लिए 30 प्रतिशत, Y श्रेणी के लिए 20 प्रतिशत और Z श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत की दरों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि HRA के नियमों में बदलाव या नई दरें लागू करने का अंतिम फैसला सरकार की अधिसूचना के आधार पर ही माना जाएगा।


8वें वेतन आयोग के बाद कितना बढ़ सकता है HRA?


अगर कर्मचारी संगठनों की मांग के मुताबिक बेसिक पे बढ़ता है और X श्रेणी के शहरों में HRA 40 प्रतिशत किया जाता है, तो Level-5 कर्मचारियों का मकान किराया भत्ता मौजूदा 8,760 रुपये से काफी ज्यादा हो सकता है। 61,320 रुपये के संभावित बेसिक पर 40 प्रतिशत HRA की गणना 24,528 रुपये बैठती है। लेकिन इसे अभी संभावित आंकड़ा ही माना जाना चाहिए। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश, सरकार की मंजूरी और लागू होने वाली नई वेतन संरचना के बाद ही वास्तविक HRA तय होगा।