एपल का बड़ा कदम: आईफोन के हेल्थ एप में AI डॉक्टर, 24x7 पर्सनल हेल्थ टिप्स

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ai doctor- फोटो : Social Media

तकनीकी दुनिया में अपनी इनोवेशन के लिए मशहूर एपल, अब हेल्थकेयर में एक नई क्रांति लाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी अपने आईफोन हेल्थ एप में एक 'AI डॉक्टर' फीचर जोड़ने का प्लान बना रही है, जो यूजर्स को 24x7 पर्सनलाइज्ड हेल्थ टिप्स देने में सक्षम होगा। यह अपडेट हेल्थ एप के पूरे अनुभव को बदलने वाला है, और इसमें उपयोगकर्ताओं की सेहत से जुड़ी जानकारियों के आधार पर सुझाव दिए जाएंगे।

इस नए फीचर का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को उनकी सेहत का बेहतर और सटीक मूल्यांकन देना है। यह AI डॉक्टर एपल वॉच, बड्स और अन्य डिवाइस से इकट्ठे किए गए पर्सनल डेटा के आधार पर सलाह देगा। खास बात यह है कि ये डेटा यूजर्स के डेली रूटीन, हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर जैसी व्यक्तिगत जानकारी पर आधारित होगा, जिससे हर व्यक्ति के लिए टिप्स और सलाह पूरी तरह से कस्टमाइज्ड होंगी।

एपल ने इस नए फीचर पर काम करने के लिए 'मलबेरी प्रोजेक्ट' के तहत एक टीम बनाई है। फिलहाल, यह अपडेट ट्रेनी फेज में है, और उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर 2025 तक इसे पूरी तरह से रोल आउट किया जाएगा। यह कदम एपल के हेल्थ एप को पूरी तरह से एक नई दिशा देने वाला है, और इसके द्वारा यूजर्स को पहले से कहीं ज्यादा व्यक्तिगत और वैज्ञानिक हेल्थ गाइडेंस मिलने वाली है।

AI डॉक्टर यूजर्स के स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम जानकारी को एनालाइज करके उन्हें डाइट, एक्सरसाइज और नींद से संबंधित सुझाव देगा। उदाहरण के लिए, अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है, तो आपको सही डाइट प्लान और वर्कआउट्स की सलाह मिलेगी। इसके साथ ही, अगर आपकी नींद में कोई गड़बड़ी है, तो AI आपको सटीक सलाह देगा कि कैसे आप अपनी नींद की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।

एपल के डॉक्टर्स इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रशिक्षित करने में जुटे हैं, और जल्द ही बाहरी डॉक्टर्स भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने जा रहे हैं। इस तरह से एपल का हेल्थ एप अब न केवल एक ट्रैकिंग टूल रहेगा, बल्कि एक पर्सनल हेल्थ कंसल्टेंट की तरह काम करेगा, जो हर वक्त आपके साथ रहेगा।

यह कदम न केवल स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी में एक नई क्रांति ला सकता है, बल्कि हेल्थकेयर इंडस्ट्री में भी एक बड़े बदलाव का संकेत है। जहां एक ओर पारंपरिक डॉक्टर के पास जाना समय की बात होती है, वहीं AI डॉक्टर अब आपके आईफोन पर हर वक्त मौजूद रहेगा, आपके सवालों का जवाब देने के लिए।

अब देखना यह है कि एपल का यह कदम कितनी जल्दी यूजर्स के जीवन का अहम हिस्सा बनता है और क्या यह एआई-आधारित हेल्थकेयर सेवाएं वाकई में लोगों की सेहत को सुधारने में मदद कर पाएंगी या नहीं।