बड़ी राहत: PPF में नॉमिनी अपडेट करने पर अब नहीं लगेगी कोई फीस, नए नियम से लाभ!

भारत के लाखों नागरिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। अब पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) में नॉमिनी का नाम अपडेट कराने या नॉमिनी बढ़ाने पर आपको कोई फीस नहीं देनी होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस अहम बदलाव की जानकारी दी, जिससे PPF खाताधारकों के लिए एक नया और आसान रास्ता खुलेगा।
सीतारमण ने बताया कि उन्हें हाल ही में यह जानकारी मिली थी कि कुछ वित्तीय संस्थाएं अपने ग्राहकों से नॉमिनी अपडेट करने के लिए फीस ले रही थीं। इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार ने वित्तीय संस्थाओं के लिए नए नियम तय किए हैं, ताकि नागरिकों को इस प्रक्रिया में कोई अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े। अब न केवल नाम अपडेट करना बल्कि नॉमिनी की संख्या बढ़ाना भी बिल्कुल मुफ्त हो जाएगा।
यह बदलाव विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब PPF खातों में एक से अधिक नॉमिनी रखे जा सकते हैं। पुराने नियमों के तहत PPF और बैंक खातों में केवल एक ही नॉमिनी रखा जा सकता था। लेकिन नए नियमों के मुताबिक, अब खाताधारक अपने PPF अकाउंट के लिए 4 नॉमिनी बना सकते हैं। यह बदलाव विशेष रूप से इसलिए किया गया है ताकि किसी भी अनक्लेम्ड अमाउंट को सही उत्तराधिकारी तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
वित्त मंत्री ने बताया कि मार्च 2024 तक बैंकों में लगभग 78,000 करोड़ रुपये की ऐसी राशि है, जिस पर कोई दावा नहीं किया गया है। इस नए नियम से यह सुनिश्चित होगा कि नॉमिनी का नाम सही तरीके से अपडेट किया जा सके, और यदि कभी किसी खाताधारक का निधन हो, तो उसके परिवार के सदस्य या उत्तराधिकारी बिना किसी परेशानी के अपनी राशि का दावा कर सकें।
क्या है PPF अकाउंट की विशेषताएं?
PPF एक आकर्षक निवेश विकल्प है जो न केवल सुरक्षित है, बल्कि आकर्षक ब्याज दर भी देता है। फिलहाल, PPF में 7.1% सालाना ब्याज दिया जा रहा है, जो सामान्य बचत खातों से काफी ज्यादा है। PPF अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये है, और हर वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करना अनिवार्य है। अधिकतम निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष तय की गई है, जो इसे एक सुरक्षित और रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प बनाता है।
PPF अकाउंट का कार्यकाल 15 साल होता है, और इस दौरान आप अपनी राशि जमा कर सकते हैं। मैच्योरिटी के बाद, यदि आपको पैसे की आवश्यकता नहीं है, तो आप इसे 5-5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इसे बढ़ाने के लिए आपको मैच्योरिटी के एक साल पहले आवेदन करना होगा।
क्या यह बदलाव निवेशकों के लिए और भी बेहतर अवसर लेकर आएगा?
यह बदलाव न केवल PPF खाताधारकों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह किसी भी खाते में नॉमिनी की संख्या बढ़ाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस फैसले से, भविष्य में यदि खाताधारक का निधन होता है, तो नॉमिनी को अपनी राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
साथ ही, यह बदलाव सरकार के उन प्रयासों को भी मजबूत करता है, जिनका उद्देश्य अनक्लेम्ड अमाउंट को सही व्यक्ति तक पहुंचाना है। इससे जहां एक ओर नागरिकों को फायदा होगा, वहीं बैंकिंग सिस्टम में भी पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
निस्संदेह, PPF जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प में इन बदलावों से निवेशकों को और भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।