अब डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर्स को मिलेगा हेल्थ इंश्योरेंस और पेंशन का लाभ, केंद्र सरकार ने लिया फैसला, जानें क्या है नया नियम

डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर्स के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार देगी हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस। 90 दिन काम करने वाले वर्कर्स को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी फंड का लाभ मिलेगा।

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New Delhi - केंद्र सरकार ने देशभर के लाखों गिग वर्कर्स (जैसे जोमैटो, स्विगी के डिलीवरी पार्टनर्स और ओला-उबर के ड्राइवर्स) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए 'सोशल सिक्योरिटी कोड 2020' के तहत नए ड्राफ्ट नियमों को नोटिफाई कर दिया है। 

हाल ही में हुई हड़तालों और वर्कर्स की मांगों को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इन नियमों के लागू होने के बाद वर्कर्स को जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना कवर जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना अनिवार्य हो जाएगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और डिजिटल आईडी 

योजना का लाभ लेने के लिए हर वर्कर को सरकारी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। कंपनियां इस प्रक्रिया में अपने पार्टनर्स की मदद करेंगी। पंजीकरण के बाद वर्कर को एक 'यूनिवर्सल अकाउंट नंबर' और एक 'डिजिटल आईडी कार्ड' मिलेगा, जिसे वे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।

पात्रता के लिए सरकार ने रखी कड़ी शर्तें 

हर गिग वर्कर इन फायदों का हकदार नहीं होगा। लाभ पाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करना आवश्यक है:

  • कार्य अवधि: एक साल में कम से कम 90 दिन एक ही कंपनी के साथ काम करना अनिवार्य है।
  • मल्टी-प्लेटफॉर्म नियम: यदि कोई वर्कर एक साथ कई ऐप्स पर काम करता है, तो साल भर में कुल 120 दिन का काम होना जरूरी है।
  • दिनों की गणना: एक ही दिन में तीन अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करने पर उसे 'तीन कार्य दिवस' गिना जाएगा।
  • आयु सीमा: पंजीकरण के लिए न्यूनतम उम्र 16 वर्ष होनी चाहिए, जबकि 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह पात्रता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

सोशल सिक्योरिटी फंड से मिलेगी सुरक्षा सरकार कंपनियों के योगदान से एक विशेष 'सोशल सिक्योरिटी फंड' तैयार करेगी। इस फंड का उपयोग वर्कर्स को निम्नलिखित लाभ देने में किया जाएगा:

  • बीमा कवर: लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के साथ-साथ कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर 'पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस' मिलेगा।

  • प्रतिनिधित्व: नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स के 5 सदस्यों को शामिल किया जाएगा, जो उनके हितों और नई योजनाओं के लिए सुझाव देंगे।

  • अपडेशन: वर्कर्स को अपना मोबाइल नंबर, पता या कौशल (skill) अपडेट रखना होगा, अन्यथा लाभ रुक सकते हैं।


अगला कदम: स्टेकहोल्डर्स से मांगा फीडबैक 

फिलहाल सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) से फीडबैक मांगा है। सुझावों और समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप देकर देशभर में लागू कर दिया जाएगा।