Crude Oil Price: 5 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, 88 डॉलर के करीब आया कच्चा तेल, जानें पटना-दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के रेट
Crude Oil Price:लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक तेजी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज नरमी दिखाई दी।
Crude Oil Price:लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक तेजी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज नरमी दिखाई दी। ब्रेंट क्रूड 13 अगस्त की सुबह करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालिया पांच सत्रों में कच्चे तेल की कीमत में करीब 11-12 फीसदी की तेजी आई थी, जिसके बाद आज मुनाफावसूली का असर दिखा। बुधवार को भी ब्रेंट में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी।हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को तत्काल राहत या झटका नहीं मिला है।
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के साथ प्रीमियम ईंधन के दाम
आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में सामान्य पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है। वहीं XP95 पेट्रोल का भाव ₹109.24 प्रति लीटर और बिना एथेनॉल वाला XP100 प्रीमियम पेट्रोल ₹167.35 प्रति लीटर बताया गया है।E20 ईंधन में 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण होता है। प्रीमियम और सामान्य पेट्रोल की कीमतों में अंतर मुख्य रूप से ईंधन की श्रेणी और उसके स्पेसिफिकेशन से जुड़ा होता है।
पटना में पेट्रोल-डीजल कितना महंगा?
पटना में आपके दिए रेट के अनुसार पेट्रोल ₹112.70 प्रति लीटर और डीजल ₹99.87 प्रति लीटर है। हालांकि उपलब्ध ताजा ऑनलाइन फ्यूल-प्राइस स्रोतों में 13 अगस्त को पटना के डीजल का भाव करीब ₹99.36 प्रति लीटर भी दिख रहा है, इसलिए वास्तविक भुगतान से पहले स्थानीय पेट्रोल पंप या संबंधित तेल कंपनी के दैनिक रेट से मिलान करना बेहतर होगा।
कच्चा तेल महंगा होने का क्या पड़ेगा असर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत भारत के लिए अहम है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर घरेलू पेट्रोल-डीजल पर तुरंत और उसी अनुपात में दिखना जरूरी नहीं है। टैक्स, रिफाइनिंग लागत, रुपये की डॉलर के मुकाबले कीमत और तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति भी खुदरा भाव को प्रभावित करती है।
फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि पांच दिन की तेज बढ़त के बाद कच्चे तेल में आई यह गिरावट आगे टिकती है या अंतरराष्ट्रीय सप्लाई और भू-राजनीतिक तनाव के चलते फिर कीमतों में उछाल आता है। भारत का इंडियन बास्केट क्रूड भी 11 अगस्त को $92.24 प्रति बैरल दर्ज किया गया था।