भारत से गोट मैन संजीव कुमार का टैल्बर्ग-SNF-एलियास्सन ग्लोबल लीडरशिप प्राइज के लिए नामांकन
द गोट ट्रस्ट (The Goat Trust) के संस्थापक संजीव कुमार को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित Tällberg-SNF-Eliasson Global Leadership Prize के लिए नामित किया गया है। यह सम्मान विश्वभर में उन नेताओं को दिया जाता है जो जमीनी स्तर पर समाज में सकारात्मक और टिकाऊ बदल
Patna : द गोट ट्रस्ट (The Goat Trust) के संस्थापक संजीव कुमार को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित Tällberg-SNF-Eliasson Global Leadership Prize के लिए नामित किया गया है। यह सम्मान विश्वभर में उन नेताओं को दिया जाता है जो जमीनी स्तर पर समाज में सकारात्मक और टिकाऊ बदलाव ला रहे हैं। संजीव कुमार ने अपने कार्यों के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित समुदायों—खासतौर पर महिलाओं—के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनका संगठन द गोट ट्रस्ट बकरी आधारित आजीविका मॉडल पर काम करता है, जो कम लागत, कम जोखिम और तेज़ आय का एक प्रभावी साधन माना जाता है।
महिला सशक्तिकरण का मजबूत मॉडल
संजीव कुमार का मॉडल सिर्फ पशुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र आजीविका दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जिसमें—
* महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना
* गरीब परिवारों को संपत्ति निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाना
* सामुदायिक सहयोग और प्रशिक्षण के जरिए टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना
उनके प्रयासों से हजारों महिलाओं को नियमित आय, बेहतर पोषण और सामाजिक सम्मान मिला है। विशेष रूप से आदिवासी और अति-गरीब समुदायों में यह मॉडल बेहद सफल साबित हुआ है।
वैश्विक स्तर पर मान्यता
टैल्बर्ग फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जो वैश्विक चुनौतियों—जैसे गरीबी, असमानता और जलवायु परिवर्तन—का समाधान नवाचारी तरीकों से करते हैं। संजीव कुमार का नामांकन इस बात का प्रमाण है कि भारत में विकसित स्थानीय समाधान भी वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल सकते हैं।
ग्रामीण विकास में नई दिशा
द गोट ट्रस्ट का कार्य यह दर्शाता है कि छोटे स्तर की पहलें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं। बकरी पालन जैसे पारंपरिक और सरल साधन को आधुनिक प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के साथ जोड़कर एक सफल आजीविका मॉडल बनाना अपने आप में एक मिसाल है।
देश के लिए वैश्विक धमक
संजीव कुमार का यह नामांकन न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की सराहना है, बल्कि यह भारत के ग्रामीण नवाचार और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को भी वैश्विक मंच पर पहचान दिलाता है।