ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में आई जोरदार तेजी: सरकारी जांच पर कंपनी का बयान और निवेशकों का भरोसा

शुक्रवार, 21 मार्च को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में शानदार उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में कंपनी के शेयरों में लगभग 9% की तेजी आई, और ये 4.27 रुपए (8.26%) बढ़कर ₹55.98 पर बंद हुए। यह तेजी अचानक आई, और इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण था – ओला इलेक्ट्रिक का वह बयान, जिसमें उसने व्हीकल रजिस्ट्रेशन और सेल्स में गड़बड़ी के आरोपों पर सरकारी जांच की बात को पूरी तरह से नकारा किया।
दरअसल, गुरुवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि ओला इलेक्ट्रिक भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जांच के दायरे में है। खबरों के मुताबिक, दोनों मंत्रालयों ने ओला से संबंधित जानकारी मांगी थी। मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज ने 11 मार्च को और मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज ने 18 मार्च को कंपनी से इस संदर्भ में डिटेल्स मांगी थीं।
यह खबर तुरंत बाजार में फैल गई और निवेशकों के बीच संशय और अनिश्चितता पैदा हुई, लेकिन ओला ने इन आरोपों का सख्त खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि उसके खिलाफ कोई भी रेगुलेटरी या कानूनी कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। इस बयान के बाद ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई।
निवेशकों के लिए यह एक राहत की खबर थी, क्योंकि सरकारी जांच के दायरे में होने से कंपनी की छवि और वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता था। ओला के बयान ने इस संभावित संकट को टालते हुए एक नई दिशा दिखाई, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से लौटा और शेयर में उछाल आया।
लेकिन क्या इस तेजी का आधार केवल एक बयान है, या ओला इलेक्ट्रिक के लिए आने वाले समय में कुछ और सकारात्मक संकेत हैं? ओला का व्यवसाय इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, और इसका भविष्य उज्जवल दिखता है। बावजूद इसके, सरकारी जांच जैसे मुद्दे हमेशा संदेह पैदा करते हैं, और कंपनी को आने वाले समय में इस पर अपनी स्थिति और भी स्पष्ट करनी होगी।
शुक्रवार के बाद, ओला के शेयरों में यह वृद्धि इस बात का संकेत हो सकती है कि निवेशकों ने कंपनी पर विश्वास जताया है, लेकिन क्या यह विश्वास आने वाले महीनों में भी कायम रहेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।