Gold price in Pakistan: पाकिस्तान में भारत से करीब 20 हजार रुपये सस्ता सोना? जानें 22 और 24 कैरेट के भाव और भारत लाने के नियम

Gold price in Pakistan: पाकिस्तान में 4 नवंबर 2026 को सोना भारत के मुकाबले करीब 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता दिखाई दिया। जानें 22 और 24 कैरेट के भाव और भारत में सोना लाने के कस्टम नियम।

Gold price in Pakistan

Gold price in Pakistan: सोना खरीदने की बात हो और उसकी कीमतों का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। भारत में सोने के भाव लगातार चर्चा में रहते हैं। इस बार पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोने की कीमतों को लेकर खबर सामने आई है। उपलब्ध बाजार दरों और मुद्रा विनिमय के आधार पर पाकिस्तान में 10 ग्राम सोना भारत के मुकाबले करीब 19 से 21 हजार रुपये तक सस्ता दिखाई दे रहा है।


ऐसे में सवाल उठता है कि भारत और पाकिस्तान में सोने की कीमतों में इतना अंतर क्यों है? पाकिस्तान में 22 और 24 कैरेट सोने का भाव कितना है और क्या वहां से सोना खरीदकर भारत लाया जा सकता है? आइए समझते हैं।


पाकिस्तान में क्या है सोने का भाव?


4 नवंबर 2026 के उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 4,13,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति तोला है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव करीब 3,78,690 पाकिस्तानी रुपये प्रति तोला है। एक तोला लगभग 11.66 ग्राम के बराबर होता है। 


पाकिस्तान में सोने की कीमत आमतौर पर तोला के हिसाब से बताई जाती है, जबकि भारत में इसका भाव 10 ग्राम के हिसाब से देखा जाता है। इसलिए दोनों देशों की कीमतों की तुलना करने के लिए वजन और मुद्रा को एक समान आधार पर लाना जरूरी है।


भारत और पाकिस्तान में कितना है कीमतों का अंतर?


4 नवंबर को उपलब्ध विनिमय दर के अनुसार, एक पाकिस्तानी रुपया करीब 0.343 भारतीय रुपये के बराबर था। इस दर से पाकिस्तान में सोने की कीमत को भारतीय रुपये में बदलने पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.21 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव करीब 1.11 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम बैठता है। 


वहीं, भारत में 4 नवंबर को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,42,755 रुपये और 22 कैरेट का भाव करीब 1,30,764 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इस हिसाब से 24 कैरेट सोने में करीब 21 हजार रुपये और 22 कैरेट सोने में करीब 19 हजार रुपये का अंतर दिखाई देता है।  


ध्यान रहे कि ये बाजार के संदर्भ भाव हैं। अलग-अलग शहरों, दुकानों और बाजारों में कीमत बदल सकती है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य खर्च भी जुड़ते हैं। इसलिए केवल इन दरों के आधार पर वास्तविक खरीद की बचत तय नहीं की जा सकती।


पाकिस्तान में सोना सस्ता क्यों दिखता है?


सोने का अंतरराष्ट्रीय भाव दुनिया के बाजार से प्रभावित होता है, लेकिन हर देश में ग्राहकों को मिलने वाली कीमत अलग हो सकती है। इसकी वजह स्थानीय मुद्रा की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स, बाजार की मांग और कारोबार से जुड़ी लागत होती है। भारत और पाकिस्तान की मुद्रा की कीमत में अंतर होने के कारण भी दोनों देशों के सोने के भाव की तुलना प्रभावित होती है। इसके अलावा, स्थानीय बाजार में सोने की उपलब्धता और कारोबारियों के खर्च भी कीमत तय करने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी एक दिन पाकिस्तान में सोना सस्ता दिखने का मतलब यह नहीं है कि वहां हर समय सोना भारत से कम कीमत पर ही मिलेगा।


क्या पाकिस्तान से सोना खरीदकर भारत ला सकते हैं?


भारत में सोना लाने के लिए कस्टम विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के यात्री दिशा-निर्देशों के अनुसार, भारतीय मूल का व्यक्ति या वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाला पात्र यात्री कम से कम छह महीने विदेश में रहने के बाद भारत लौटते समय सोना ला सकता है।


मौजूदा नियमों के तहत पात्र यात्री अधिकतम एक किलोग्राम तक सोना ला सकता है। इसके लिए निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं और कस्टम ड्यूटी का भुगतान परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में करना होता है। पात्र यात्रियों के लिए निर्धारित दर 6 फीसदी है। यह छूट सभी यात्रियों को अपने आप नहीं मिलती।


सोने के बिस्कुट, सिक्के और आभूषण लाने पर भी कस्टम नियम लागू होते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि महिलाएं 400 ग्राम और पुरुष 20 ग्राम सोना बिना शुल्क भारत ला सकते हैं। यह दावा मौजूदा कस्टम नियमों के अनुरूप नहीं है।


सोना लाते समय कस्टम नियमों का रखें ध्यान


विदेश से सोना लाने वाले यात्रियों को उसकी मात्रा, रूप और लागू शुल्क की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। निर्धारित सीमा से अधिक या नियमों के अनुरूप घोषणा नहीं किए गए सामान पर कस्टम विभाग कार्रवाई कर सकता है। सोने के आयात पर विदेश व्यापार नीति और सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधान भी लागू होते हैं। इसलिए पाकिस्तान में सोना सस्ता दिखाई देने के बावजूद उसे भारत लाने से पहले यात्रा की पात्रता, कस्टम ड्यूटी और अन्य नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। केवल कीमत का अंतर देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा।