Petrol-Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा? कीमतों में बदलाव नहीं, यहां देखें आपके शहर का नया Fuel Price
Petrol-Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। जानें दिल्ली, मुंबई, पटना, रांची, आगरा और ग्वालियर समेत प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का नया रेट।
Petrol-Diesel Price Today: देश में रविवार, 6 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम पुराने स्तर पर ही रखे हैं। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में तेल की कीमतों पर बाजार की चाल का असर देखा जा सकता है।
दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बदलाव 25 मई 2026 को हुआ था। उस समय पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
दिल्ली से पटना तक पेट्रोल-डीजल के नए रेट
आज देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। मुंबई में पेट्रोल 111.31 रुपये और डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल का भाव 107.78 रुपये और डीजल का रेट 99.56 रुपये प्रति लीटर है। बरेली में पेट्रोल 102.25 रुपये और डीजल 95.46 रुपये प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर है। रांची में पेट्रोल 106.12 रुपये और डीजल 100.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। आगरा में पेट्रोल 101.90 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर है। वहीं ग्वालियर में पेट्रोल 114.30 रुपये और डीजल 99.35 रुपये प्रति लीटर है।
आज कच्चे तेल की कीमत कितनी है?
रविवार होने के कारण अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में आज नया नियमित कारोबार नहीं हो रहा है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों के लिए पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार के बंद भाव को आधार माना जा रहा है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 95.85 से 96.28 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड की कीमत करीब 91.22 से 91.48 डॉलर प्रति बैरल रही। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
भारत के लिए महंगा कच्चा तेल क्यों है चिंता की बात?
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर देश का आयात खर्च बढ़ सकता है। इसका असर व्यापार घाटे और रुपये की विनिमय दर पर भी पड़ सकता है। अगर कच्चा तेल लंबे समय तक 95 डॉलर या उससे ऊपर के स्तर पर बना रहता है तो तेल आयात पर भारत का खर्च बढ़ सकता है। इसके अलावा महंगे ईंधन का असर परिवहन लागत पर पड़ने से माल ढुलाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल उपभोक्ताओं को मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के महंगे होने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि रविवार को वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल के लिए कल जितनी ही कीमत चुकानी होगी। आने वाले दिनों में अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहती हैं तो घरेलू ईंधन कीमतों को लेकर बाजार की गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी।