Bihar Sand Mafia: बालू माफिया और उसके गुर्गों ने नेता जी को दिनदहाड़े बीच सड़क जमकर पीटा....वीडियो बनाना पड़ा महंगा.....पुलिस का इकबाल खत्म....
Bihar Sand Mafia: अवैध खनन और बालू तस्करी के इस काले कारोबार ने ऐसा संगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया है, जिसके सामने कानून का खौफ भी बौना नजर आने लगा है। ...
Bihar Sand Mafia: बिहार में बालू माफियाओं का आतंक एक बार फिर सुर्खियों में है। अवैध खनन और बालू तस्करी के इस काले कारोबार ने ऐसा संगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया है, जिसके सामने कानून का खौफ भी बौना नजर आने लगा है। करोड़ों रुपये के इस धंधे में शामिल माफिया अब सिर्फ सरकारी खजाने को चूना नहीं लगा रहे, बल्कि जो भी इनके रास्ते में आता है, उसे धमकाने, डराने और हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। ताजा मामला भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र का है, जहां अवैध बालू खनन का कथित वीडियो बनाना एक राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भारी पड़ गया।
आरोप है कि भारतीय क्रांतिवीर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पासवान को बालू घाट संख्या-14 पर कथित अवैध गतिविधियों का वीडियो बनाने की कीमत सरेआम मारपीट के रूप में चुकानी पड़ी। कृष्णा पासवान का कहना है कि जब वह बालू घाट पर वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस मामले में रवि कुमार नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि इसके बाद बालू कारोबार से जुड़े लोगों ने पूरी साजिश के तहत कृष्णा पासवान को निशाना बनाया। फतेहपुर गांव के समीप सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाईवे-81 पर उनकी स्कॉर्पियो को घेर लिया गया। बताया जाता है कि पहले से घात लगाकर बैठे बाइक सवार लोगों ने गाड़ी रुकवाई और फिर कृष्णा पासवान को वाहन से खींचकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद लात-घूंसों और थप्पड़ों की बौछार कर दी गई। उनके चालक चंदन कुमार को भी नहीं बख्शा गया और उसके साथ भी मारपीट की गई।
घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग गाली-गलौज करते हुए मारपीट करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घायल कृष्णा पासवान और उनके चालक किसी तरह जान बचाकर वहां से निकले और संदेश रेफरल अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार कराया गया।
कृष्णा पासवान लंबे समय से बालू के अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। वह कई बार विभिन्न बालू घाटों पर जाकर कथित अवैध गतिविधियों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर चुके हैं। मई महीने में भी उन्होंने जिला प्रशासन, खनन विभाग और अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर कई घाटों पर अवैध खनन और भंडारण का आरोप लगाया था।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर बिहार में बालू माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और उनके कथित दबदबे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संदेश थाना अध्यक्ष संजीव कुमार के अनुसार, आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और क्या अवैध खनन के खिलाफ उठने वाली आवाजों को सुरक्षा मिल पाती है।
रिपोर्ट- धीरज पाराशर