Bihar School Controversy:बेगूसराय में शिक्षा के मंदिर पर दाग, प्रधान शिक्षक रसोइया के साथ गंदा काम करते धराया! ग्रामीणों ने की तालाबंदी

Bihar School Controversy:ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधान शिक्षक पर स्कूल की रसोइया के साथ कथित अवैध संबंध रखने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और विद्यालय में तालाबंदी कर दी।....

Bihar School Controversy:बेगूसराय में शिक्षा के मंदिर पर दाग
प्रधान शिक्षक रसोइया के साथ गंदा काम करते धराया!- फोटो : reporter

Bihar School Controversy:बेगूसराय जिले में शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बछवारा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कादराबाद में एक विवाद ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधान शिक्षक अरविंद कुमार चौधरी पर स्कूल की रसोइया के साथ कथित अवैध संबंध रखने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और विद्यालय में तालाबंदी कर दी।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र विद्यालय परिसर में जुट गए। लोगों का आरोप है कि शनिवार को छठी कक्षा की एक छात्रा ने प्रधान शिक्षक और विद्यालय की रसोइया को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। आरोप है कि इसके बाद छात्रा को मामले को छिपाने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया।

ग्रामीणों के मुताबिक, बाद में रसोइया छात्रा के घर पहुंची और वहां हंगामा करते हुए गाली-गलौज व धमकी देने का आरोप लगाया गया। इसके बाद छात्रा ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद मामला ग्रामीणों तक पहुंचा। सोमवार को जैसे ही विद्यालय खुला, बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रधान शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।हालांकि, इस पूरे मामले में विद्यालय की रसोइया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उसने सफाई देते हुए छात्रा पर ही गलत आरोप लगाने की बात कही है। मामला सामने आने के बाद स्कूल परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

हंगामे की सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में प्रधान शिक्षक की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।शिक्षा विभाग के अधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन इस दौरान विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित रहा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हुई और स्कूल का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विद्यालय को बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र माना जाता है, वहां इस तरह के आरोप सामने आना चिंता का विषय है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शिक्षा के मंदिर में ही नैतिकता और अनुशासन पर सवाल उठने लगेंगे तो बच्चों के भविष्य और अभिभावकों के भरोसे का क्या होगा? फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट और शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

रिपोर्ट- अजय शास्त्री