Bihar Crime: दवा कम, दारू ज्यादा! शराब के नशे में इलाज,ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत से हड़कंप
Bihar Crime: इलाज के नाम पर लापरवाही और नशाखोरी का संगीन आरोप लगा है।..
Bihar Crime: इलाज के नाम पर लापरवाही और नशाखोरी का संगीन आरोप लगा है।पूर्णिया के चर्चित लाइन बाजार इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। परिजनों का दावा है कि यहां दवा से ज्यादा दारू का इस्तेमाल हो रहा था और उसी का खौफनाक नतीजा एक महिला मरीज की मौत के रूप में सामने आया।
घटना लाइन बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम की है, जहाँ डॉ. जयेश कुमार के अस्पताल में भर्ती अररिया जिले के पलासी निवासी चंदन कुमार की मां तेतरी देवी का ऑपरेशन हुआ था। बताया गया कि पथरी और गर्भाशय से जुड़ी सर्जरी के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का स्टाफ, खासकर कंपाउंडर, अक्सर नशे की हालत में रहता था और उसी हालत में मरीजों का इलाज करता था। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो उनके साथ बदसलूकी की गई। ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद ही महिला का शरीर फूलने लगा जो गंभीर संक्रमण का संकेत था।
करीब 40 दिनों तक अस्पताल में रखने और लगभग 2.5 लाख रुपये वसूलने के बाद मरीज को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हुआ संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था जो आखिरकार मौत की वजह बना।मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर मारपीट व गाली-गलौज के आरोप भी लगाए। मौके पर जुटी भीड़ के बीच जब अस्पताल परिसर की तलाशी ली गई तो दर्जनों शराब की खाली बोतलें और टेट्रा पैक बरामद हुए जिससे पूरा माहौल इलाजघर से ज्यादा मयखाने जैसा नजर आया।
हालांकि, डॉ. जयेश कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। वहीं हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले में न तो पुलिस की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखी और न ही मेडिकल संगठनों ने सख्त रुख अपनाया।यह घटना कई बड़े सवाल खड़े करती है क्या मरीजों की जिंदगी अब नशे के भरोसे छोड़ दी गई है? और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी, या फिर मामला यूं ही दबा दिया जाएगा?