गोपालगंज में भू-माफियाओं का काला साम्राज्य बेनकाब, पुलिस की दबिश में चार गिरफ्तार, सफेदपोशों से कनेक्शन की तलाश में जुटी खाकी

Bihar Crime: पुलिस ने भू-माफियाओं के संगठित गिरोह पर जोरदार शिकंजा कसते हुए उनके काले कारनामों का पर्दाफाश कर दिया है।...

Gopalganj Land Mafia Exposed
दबंगई का खेल खत्म- फोटो : Namonarayan Mishra

Bihar Crime: गोपालगंज से इस वक्त एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने भू-माफियाओं के संगठित गिरोह पर जोरदार शिकंजा कसते हुए उनके काले कारनामों का पर्दाफाश कर दिया है। कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में लंबे वक्त से जमीन कब्जे को लेकर चल रहा खेल आखिरकार पुलिस की कार्रवाई में उजागर हो गया।

मामले की बुनियाद तब पड़ी, जब सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और बेलवा गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में चार कुख्यात आरोपियों भोला पांडेय, दीपक कुमार, गुड्डू और नितीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की तहकीकात में खुलासा हुआ कि ये कोई मामूली गुंडागर्दी नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का सुनियोजित खेल था। यह गिरोह लंबे समय से इलाके में दबंगई के दम पर जमीन हड़पने का धंधा चला रहा था। इन आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो इनके आपराधिक इतिहास की तस्दीक करते हैं।हालांकि, इस पूरे खेल का मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों की मानें तो इस सरगना को कुछ सफेदपोश रसूखदारों का संरक्षण हासिल है, जिसके चलते वह अब तक गिरफ्तारी से बचता आ रहा है। यही वजह है कि अब पुलिस इस नेटवर्क के पीछे छिपे उन चेहरों को भी बेनकाब करने में जुट गई है, जो पर्दे के पीछे से इस खेल को हवा दे रहे थे।

एसपी विनय तिवारी ने साफ कहा है कि जमीन कब्जा के मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जो भी इस साजिश में शामिल होंगे, उन्हें किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में खौफ और राहत दोनों का माहौल है। जहां आम लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं माफिया नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है। गोपालगंज पुलिस का यह ऑपरेशन अब एक बड़े खुलासे की तरफ इशारा कर रहा है क्या इस गिरोह के तार और ऊपर तक जुड़े हैं? आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े राज खुलने की पूरी संभावना है।

गोपालगंज से नमोनारायण मिश्रा की रिपोर्ट