Bihar Crime: जिस्मफरोशी का काला खेल बेनकाब, गंदा काम करते 9 युवतियां धराईं, संदिग्धों से पूछताछ जारी,असली मास्टरमाइंड कौन?
Bihar Crime: पुलिस की खुफिया कार्रवाई ने जिस्मफ़रोशी के उस अंधेरे धंधे को बेनकाब कर दिया, जो लंबे समय से परदे के पीछे पल रहा था।
Bihar Crime: बिहार पुलिस ने बदनाम इलाके में दस्तक दी, वहां अफरा-तफरी और भगदड़ का आलम बन गया। कई दलाल और संदिग्ध चेहरे मौके से फरार होने की फिराक में थे। दरअसल किशनगंज शहर के खगड़ा रेड लाइट इलाके में रविवार की शाम एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया। बिहार पुलिस के ऑपरेशन सवेरा के तहत चली इस खुफिया कार्रवाई ने जिस्मफ़रोशी के उस अंधेरे धंधे को बेनकाब कर दिया, जो लंबे समय से परदे के पीछे पल रहा था। पुलिस की इस दबिश में 4 नाबालिग लड़कियों समेत कुल 9 युवतियों को उस दलदल से आज़ाद कराया गया, जहां उनकी जिंदगी कैद बनकर रह गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से पुख्ता इत्तिला मिली थी कि बाहर से मासूम लड़कियों को बहला-फुसलाकर या जबरदस्ती लाकर इस गोरखधंधे में झोंका जा रहा है। इसके बाद कानून के रखवालों ने एक मुकम्मल प्लान के तहत जाल बिछाया। हादुरगंज, पहाड़कट्टा समेत कई थानों की फोर्स को एक साथ अलर्ट कर गुपचुप तरीके से इलाके में तैनात किया गया। महिला पुलिसकर्मियों के साथ सादे लिबास में जवानों की मौजूदगी ने इस रेड को और भी असरदार बना दिया।
जैसे ही डीएसपी अशोक कुमार की क़यादत में टीम ने खगड़ा के उस बदनाम इलाके में दस्तक दी, वहां अफरा-तफरी और भगदड़ का आलम बन गया। कई दलाल और संदिग्ध चेहरे मौके से फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सके। कई लोगों को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने एक-एक मकान की तलाशी लेकर इस रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी है।
एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की तस्दीक करते हुए कहा कि यह मुहिम खास तौर पर उन लड़कियों को आज़ाद कराने के लिए चलाई गई, जो इस गुनाह के जाल में फंसी थीं। फिलहाल सभी पीड़िताओं से गहराई से पूछताछ हो रही है, ताकि इस संगठित गिरोह के बड़े सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।
इस सनसनीखेज छापेमारी के बाद इलाके में भारी भीड़ जुट गई और हर जुबां पर बस एक ही चर्चा खगड़ा का काला सच आखिर सामने आ ही गया।