Bihar Crime: “जमीन निगल गई या आसमान खा गया?” 5 साल से लापता खुशी का राज बरकरार, पुलिस से लेकर CBI तक नाकाम!

5 साल की मासूम खुशी खेलते-खेलते घर से महज़ 100 मीटर दूर बने पूजा पंडाल तक पहुंची… और फिर अचानक फिज़ा में यूं गायब हो गई जैसे उसे जमीन निगल गई हो या आसमान खा गया हो।

5 Years Missing Khushi Mystery Still Unsolved
“जमीन निगल गई या आसमान खा गया?”- फोटो : reporter

Bihar Crime: 16 फरवरी 2021… वो मनहूस दिन जब खुशियों के जश्न के बीच मातम की दास्तान लिखी गई। मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पामारिया टोला में सरस्वती पूजा की धूम थी, डीजे की आवाज़ गूंज रही थी, पंडाल जगमगा रहे थे। इसी रौनक के बीच 5 साल की मासूम खुशी खेलते-खेलते घर से महज़ 100 मीटर दूर बने पूजा पंडाल तक पहुंची… और फिर अचानक फिज़ा में यूं गायब हो गई जैसे उसे जमीन निगल गई हो या आसमान खा गया हो।

घंटों तलाश के बाद जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों की बेचैनी चीख में बदल गई। आनन-फानन में शिकायत दर्ज हुई ब्रह्मपुरा थाना में। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन वक्त गुजरता गया और केस फाइलों की धूल में दबता चला गया। मोहल्लेवालों ने भी आवाज़ बुलंद की, इंसाफ की मांग तेज हुई, तब जाकर मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपा गया।

परिजनों को उम्मीद की किरण दिखी अब शायद उनकी लाडली वापस आएगी। मगर साल दर साल गुजरते गए, और नतीजा सिफर। आज पांच साल बाद भी खुशी का कोई सुराग नहीं। मां आज भी घर के दरवाजे पर बैठी, हाथ में बेटी की तस्वीर लिए, राह तकती है। आंखों में आंसू, दिल में उम्मीद कि शायद किसी मोड़ से खुशी मुस्कुराती हुई लौट आए।

पिता का दर्द भी कम नहीं। उनका कहना है कि अगर पुलिस और सीबीआई ने पूरी ईमानदारी से तहकीकात की होती, तो उनकी इकलौती संतान आज उनके आंगन में खेल रही होती। अब वो खुलेआम सवाल उठा रहे हैं आखिर कहां अटकी जांच? किस साज़िश ने मासूम को निगल लिया?

परिजन चेतावनी दे चुके हैं अगर जल्द सच सामने नहीं आया तो वे इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।पांच साल, हजारों सवाल… मगर खुशी अब भी लापता। यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम पर खड़ा एक संगीन सवाल है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा