Bihar Police: वर्दी में दलाली का खेल! गिरफ्तारी के डर से घूसखोर दरोगा फरार,कानून के रखवाले ही बन गए दलाल
Bihar Police: बिहार पुलिस के जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच एक दरोगा ने ऐसा खेल खेला कि पूरा महकमा शर्मसार हो गया।
Bihar Police: मुजफ्फरपुर के पीयर थाना में वर्दी के पीछे छुपा घूसखोरी का काला धंधा आखिरकार कैमरे में कैद हो ही गया। बिहार पुलिस के जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच एक दरोगा ने ऐसा खेल खेला कि पूरा महकमा शर्मसार हो गया। अपर थानेदार अभिनंदन कुमार पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होते ही सिस्टम में भूचाल आ गया और अब वही दरोगा गिरफ्तारी के डर से फरार बताया जा रहा है। मामला जितना पेचीदा है, उतना ही शर्मनाक भी। पीड़ित शत्रुघ्न का भाई सीताराम शराब मामले में पकड़ा गया था, लेकिन उसे उत्पाद विभाग ने हिरासत में लिया था। यहां से शुरू हुआ भ्रम का कारोबार और दरोगा साहब ने इस कन्फ्यूजन को बना दिया कमाई का जरिया। बिचौलिए राम कुमार के जरिए शत्रुघ्न को भरोसा दिलाया गया कि उसका भाई पीयर थाना में है और उसे छुड़ाने के लिए सेटिंग करनी पड़ेगी।
इसके बाद जो हुआ, वो कानून के मुंह पर सीधा तमाचा है। दरोगा अभिनंदन कुमार ने बिना गिरफ्तारी के ही 5,000 रुपये की डिमांड ठोक दी और बड़ी बेशर्मी से वसूली भी कर ली। पूरा ‘सौदा’ मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसमें वर्दीधारी अफसर खुलेआम दलाल के साथ मिलकर ‘रेट तय’ करता दिख रहा है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। वहीं तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने सख्त रुख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे डाला। इसके बाद पीयर थाना में ही अभिनंदन कुमार और दलाल राम कुमार के खिलाफ नामजद केस दर्ज हुआ।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती अंदरखाने की सेटिंग भी सवालों के घेरे में है। चर्चा ये है कि थाना स्तर पर इस पूरे मामले को दबाने और दरोगा को बचाने की कोशिश की गई। यानी चोर-चोर मौसेरे भाई वाला खेल यहां भी चलता नजर आया।
जैसे ही गिरफ्तारी की तलवार लटकी, दरोगा अभिनंदन कुमार ने छुट्टी का बहाना बनाया और अंडरग्राउंड हो गए। अब पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन सवाल वही जो दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाता था, वो खुद कानून से भागता क्यों फिर रहा है? ये पूरा कांड साफ करता है कि वर्दी के अंदर अगर नीयत सड़ी हो, तो कानून भी माल बन जाता है। फिलहाल मुजफ्फरपुर पुलिस का सख्त रुख एक मैसेज जरूर दे रहा है अब घूसखोरी का खेल चलेगा नहीं, सीधे जेल का टिकट कटेगा।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा