Bihar Crime: धन कुबेर निकला बिहार का घूसखोर इंजीनियर,लॉकर में इतना सोना कैस देख हैरत में पड़े अधिकारी

Bihar Crime: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी निर्णायक और सख्त कार्रवाई के क्रम में आर्थिक अपराध इकाई को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। ...

Muzaffarpur EOU Recovers Gold From Engineer Locker
धन कुबेर निकला बिहार का घूसखोर इंजीनियर- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी निर्णायक और सख्त कार्रवाई के क्रम में आर्थिक अपराध इकाई को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। भ्रष्टाचार के ज़रिए अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने के मामले में घिरे लघु सिंचाई विभाग के रोहतास डिविजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा कार्रवाई के तहत EOU की एक विशेष टीम ने पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचकर पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में उनके बैंक लॉकर की सघन जाँच की, जहाँ से 137 ग्राम सोना (जिसकी बाज़ार में कीमत 17 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है) बरामद किया गया है।

जांच एजेंसी अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि लॉकर में रखे गए इन आभूषणों की खरीद कब और किन श्रोतों से की गई थी तथा इस पर कितना खर्च आया था। इस संबंध में आरोपी इंजीनियर से कड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।बता दें कि आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले में EOU की टीम ने बीते 30 जुलाई को एक साथ छह ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इनमें पटना के दानापुर स्थित दो फ्लैट, रोहतास के डेहरी-ऑन-सोन स्थित सरकारी कार्यालय, मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल और बांका का पुश्तैनी मकान शामिल था। इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पूर्व पटना में उनकी सरकारी सैलरी से 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था।

पूर्व की छापेमारी के दौरान भी जांच टीम के हाथ भारी मात्रा में बेहिसाब संपत्ति लगी थी, जिसमें 9 लाख रुपये नकद, 500 ग्राम सोना, 21 बैंक पासबुक, 17 बीमा पॉलिसियों के कागजात, एक चार पहिया और एक दो पहिया वाहन के खरीद दस्तावेज के अलावा बैंक खातों में 25 लाख रुपये नकद जमा होने का खुलासा हुआ था।जांच के दायरे को आगे बढ़ाते हुए EOU ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की सास मीरा रानी जायसवाल के नाम पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' में संचालित एक बैंक खाते को खंगाला। इस खाते से आरोपी इंजीनियर की पत्नी मेहा कृष्णा का नाम भी जुड़ा हुआ है और वह इसमें नॉमिनी भी हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संदिग्ध खाते से कई संदेहास्पद ट्रांजेक्शन किए जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं। पटना में बहुमूल्य फ्लैट खरीदने के लिए भी इसी खाते के ज़रिए रुपयों का लेनदेन किए जाने की बात सामने आ रही है। साथ ही, बेटियों की उच्च शिक्षा पर होने वाला खर्च भी इसी खाते से वहन किया जा रहा था। जांच एजेंसी अब इस खाते से हुए पाई-पाई के हिसाब की फोरेंसिक और वित्तीय जांच कर रही है।

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर द्वारा पटना के दानापुर इलाके में दो शानदार और महंगे फ्लैट खरीदे जाने का भी खुलासा हुआ है।वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट (फ्लैट नं. 405): इसे अरविंद कुमार चौधरी ने साल 2022 में अपने और अपनी पत्नी के नाम पर खरीदा था, जिसका सरकारी मूल्य करीब 50 लाख रुपये है और वर्तमान में उनका परिवार यहीं निवास करता है।वीनस एम्पायर अपार्टमेंट (फ्लैट नं. 1301): वर्ष 2025 में पत्नी के नाम पर इसी इलाके में एक और फ्लैट खरीदा गया, जिसका सरकारी मूल्य साढ़े 57 लाख रुपये (बाज़ार भाव इससे कहीं अधिक) है। छापेमारी के दिन जब EOU की टीम इस दूसरे फ्लैट पर पहुँची थी, तब उस पर ताला बंद पाया गया था।

आर्थिक अपराध इकाई की इस समग्र और कड़ी कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों के खेमे में हड़कंप मच गया है, और एजेंसी अब दस्तावेजों तथा बैंक खातों की कड़ियों को जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।