Bihar Crime: भाई के अपहरण का FIR दर्ज कराने के अगले दिन शाइस्ता परवीन बनी मां, प्रेमी से नेपाल में विवाह के बाद बिहार में तनाव कराने वाले सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा

Bihar Crime: 18 फरवरी को भाई ने अपनी 28 वर्षीय शिक्षिका बहन शाइस्ता परवीन के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई, और ठीक दूसरे दिन 19 फरवरी को वही शिक्षिका एक बच्ची की मां बन गई।...

Muzaffarpur Kidnapping FIR Filed Shaiasta Parveen Gives Birt
भाई के अपहरण का FIR दर्ज कराने के अगले दिन शाइस्ता परवीन बनी मां- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार से एक ऐसा संगीन और पेचीदा मामला सामने आया है, जिसने मोहब्बत, इल्ज़ाम और साज़िश के कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुजफ्फपुर के औराई थाना क्षेत्र से 18 फरवरी को भाई ने अपनी 28 वर्षीय शिक्षिका बहन शाइस्ता परवीन के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई, और ठीक दूसरे दिन 19 फरवरी को वही शिक्षिका एक बच्ची की मां बन गई। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

मामला औराई थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव से जुड़ा है। यहां के निवासी फैसल इमाम अशरफ ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन शाइस्ता परवीन, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका है, रोज की तरह पढ़ाने निकली थी लेकिन वापस घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो भाई ने 60 वर्षीय स्कूल संचालक राकेश कुमार साह और उनके सहयोगियों पर अपहरण का इल्ज़ाम लगाते हुए केस दर्ज करा दिया।

बताया जाता है कि शाइस्ता परवीन मकसूदपुर स्थित इंग्लिश मॉडर्न स्कूल में पढ़ाती थी। भाई का आरोप था कि स्कूल प्रबंधन ने ही उसकी बहन को बहला-फुसलाकर गायब किया। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और कुछ ही घंटों में शिक्षिका को सीतामढ़ी के एक अस्पताल से बरामद कर लिया गया। फिलहाल वह पुलिस अभिरक्षा में इलाजरत है।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। अपहरण की FIR के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शाइस्ता परवीन ने खुलेआम 2025 में ही स्कूल संचालक से प्रेम विवाह करने का दावा किया। वीडियो में उसने कहा कि वह अपनी मर्ज़ी से गई है और किसी ने उसका अपहरण नहीं किया। इस बयान के बाद मामला और भी उलझ गया।

घटनाक्रम ने तब नया मोड़ लिया जब 19 फरवरी को शाइस्ता ने एक पुत्री को जन्म दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि एक दिन पहले अपहरण का मुकदमा और दूसरे दिन मां बनना क्या यह महज़ इत्तेफाक है? क्या भाई को पहले से अंदेशा था कि उसकी बहन मां बनने वाली है और उसने उसे सुरक्षित करने के लिए कानूनी कवायद की? या फिर बिरादरी और समाज के दबाव में अपहरण का इल्ज़ाम लगाकर अपनी इज़्ज़त बचाने की कोशिश की गई?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले की तफ्तीश जारी है। स्कूल संचालक अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है। पूरे प्रकरण में कई परतें हैं इश्क़, इज़्ज़त और इल्ज़ाम की। इलाके में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है और हर कोई इस रहस्य से पर्दा उठने का इंतज़ार कर रहा है।

अब देखना यह है कि पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है क्या यह अपहरण का मामला था या बालिग महिला का अपने प्रेमी के साथ जाने का फैसला? फिलहाल यह संगीन प्रकरण कानून और समाज दोनों के लिए एक बड़ी कसौटी बन गया है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा