नवादा में शराब माफिया का दुस्साहस: पुलिस टीम पर भीषण पथराव, तीन सब-इंस्पेक्टर समेत छह जख्मी
Nawada : जिले में अवैध शराब निर्माण की सूचना पर छापेमारी करने पंहुची पुलिस टीम पर शराब माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। काशीचक थाना क्षेत्र के बिरनावा गांव में छापामारी करने पहुंची पुलिस टीम पर माफिया और उनके समर्थकों ने छतों से भारी पथराव किया। इस हमले में तीन सब-इंस्पेक्टर (SI) सहित कुल छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
छापामारी के दौरान छतों से बरसे पत्थर
जानकारी के अनुसार, काशीचक थाना प्रभारी गौतम कुमार को बिरनावा गांव में अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम गांव पहुंची, तो शराब माफिया ने योजनाबद्ध तरीके से उन पर हमला बोल दिया। पुलिस के गांव में प्रवेश करते ही घरों की छतों से अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें माफिया बेखौफ होकर पुलिस पर पथराव करते दिख रहे हैं।
तीन दारोगा सहित छह जवान लहूलुहान
इस हिंसक झड़प में काशीचक थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर दीप सिन्हा, कुणाल कुमार और बालेश्वर दास चोटिल हुए हैं। उनके अलावा दो सिपाही और एक चौकीदार भी पत्थर लगने से जख्मी हो गए। सभी घायल पुलिसकर्मियों को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार किया गया। गनीमत रही कि किसी को गंभीर आंतरिक चोट नहीं आई, लेकिन पुलिस वाहन को भी इस दौरान काफी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई, 11 गिरफ्तार
हमले के तुरंत बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में अतिरिक्त बल बुलाकर जवाबी कार्रवाई की गई। पुलिस ने गांव में घेराबंदी कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं और एक नाबालिग भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टोटो मांझी, बिजली मांझी, प्रमोद मांझी, जितेंद्र मांझी सहित शीला देवी, सुमित्रा देवी और अन्य के रूप में हुई है। नाबालिग को विधि विरुद्ध बालक के रूप में निरुद्ध कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुराने अपराधी हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग पेशेवर शराब तस्कर हैं और पहले भी शराब से जुड़े मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने अपनी अवैध गतिविधियों को बचाने के लिए जानबूझकर पुलिस टीम को निशाना बनाया। फिलहाल पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मद्य निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट