Bihar Crime: आठ साल से लापता युवती का सदर अस्पताल में मिला शव, तस्वीर देख पिता का फटा कलेजा
Bihar Crime: नवादा में करीब आठ साल से लापता एक युवती की कहानी ने उस वक्त दर्दनाक मोड़ ले लिया, जब उसका शव सदर अस्पताल से बरामद हुआ।
Bihar Crime: नवादा में करीब आठ साल से लापता एक युवती की कहानी ने उस वक्त दर्दनाक मोड़ ले लिया, जब उसका शव सदर अस्पताल से बरामद हुआ। शुक्रवार को पुलिस ने युवती की तस्वीर परिजनों को दिखाई, जिसके बाद पिता ने उसकी पहचान अपनी बेटी के रूप में की। मृतका की पहचान कौआकोल प्रखंड के कोलवा बर गांव निवासी दयानंद प्रसाद की 25 वर्षीय बेटी सिंपी कुमारी के रूप में हुई है।बेटी की पहचान होने की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। देर रात पिता सदर अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह बेटी का शव अपने साथ लेकर गांव लौट गए।
सिंपी की शादी वर्ष 2018 में अकबरपुर प्रखंड के फतेहपुर में हुई थी। पिता के मुताबिक, शादी के करीब तीन महीने बाद ही वह पति को छोड़कर चली गई थी। परिवार ने करीब छह महीने तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।परिजनों ने उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। बाद में सिंपी ने परिवार से संपर्क खत्म कर लिया और दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद परिवार को उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।करीब आठ साल बाद पुलिस जब उसके घर पहुंची और सिंपी की तस्वीर दिखाई, तब परिवार को पता चला कि जिस बेटी को वे वर्षों से तलाश रहे थे, उसकी मौत हो चुकी है।पिता दयानंद प्रसाद ने बताया कि उन्हें बेटी की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी व्यक्ति पर शक भी नहीं है और वे पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच पर भरोसा कर रहे हैं।आठ वर्षों तक बेटी के बारे में कोई खबर नहीं मिलने के बाद अचानक उसकी मौत की सूचना मिलना परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, युवती के शव के पास से एक डॉक्टर की पर्ची मिली थी। इससे पता चला कि उसने शेखपुरा में इलाज कराया था। पुलिस ने इसी पर्ची को अहम सुराग मानते हुए जांच आगे बढ़ाई।जांच के दौरान पुलिस ने युवती के बारे में जानकारी जुटाई और कौआकोल क्षेत्र में उसके परिवार तक पहुंची। इसके बाद तस्वीर दिखाकर पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।
थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह के अनुसार, युवती के शरीर पर प्रथम दृष्टया किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि सिर्फ बाहरी जांच के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकती।पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई।फिलहाल इस मामले में पुलिस ने जांच का दायरा खुला रखा है। आठ साल तक परिवार से दूर रही सिंपी आखिर किन परिस्थितियों में अस्पताल पहुंची, उसकी मौत कब और कैसे हुई और उसके पीछे कोई आपराधिक वजह थी या नहीं इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगे की तफ्तीश से सामने आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट- अमन कुमार