Bihar Crime:जमीन के 20 फीट नीचे चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, बंगाल और बिहार STF ने मौत के सामान के साथ चार अपराधियों को दबोचा , गांव में मचा हड़कंप
Bihar Crime:जमीन के 20 फीट नीचे चल रही मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश होने के बाद गांव वालों के होश उड़ गए। ...
Bihar Crime:पूर्णिया के धमदाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत इटहरी पंचायत के हरिपुर गांव से एक सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की पटना और कोलकाता यूनिट ने संयुक्त रूप से बड़ी छापेमारी कर अवैध हथियार निर्माण रैकेट का पर्दाफाश किया। अचानक दर्जनों की संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स को देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण स्तब्ध रह गए।इस कार्रवाई में चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मो. आफताब आलम (मुंगेर), मो. अनवर (मुंगेर), मिट्ठू कुमार और गब्बर मंडल (दोनों हरिपुर गांव) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मिट्ठू कुमार कुछ समय बाहर काम करने के बाद हाल ही में गांव लौटा था और इसी अवैध नेटवर्क से जुड़ गया था।
छापेमारी के दौरान धमदाहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप गोल्डी और थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने घटनास्थल से 10 अर्धनिर्मित पिस्टल, 14 लोहे की प्लेट, लेथ मशीन, कटर मशीन सहित हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं।जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा अवैध धंधा पिछले करीब छह महीने से योजना के तहत तैयार किया जा रहा था, जबकि पिछले दो महीनों से इसे सक्रिय रूप से चलाया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा कारोबार “पतरी बनाने वाली फैक्ट्री” के नाम पर छिपाकर चलाया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।
ग्रामीणों को लंबे समय तक यही लगता रहा कि यहां सामान्य फैब्रिकेशन या पतरी बनाने का काम होता है, लेकिन असल में जमीन के लगभग 20 फीट नीचे लेथ मशीन स्थापित कर अवैध पिस्टल निर्माण किया जा रहा था। मशीन की आवाज और गतिविधियों को छुपाने के लिए पूरी संरचना को भूमिगत रखा गया था।तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड मुंगेर का सूरज कुमार है, जो लंबे समय से अवैध हथियारों के धंधे से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हरिपुर गांव में सिर्फ पिस्टल तैयार की जाती थी, जबकि तैयार हथियारों की सप्लाई बिहार समेत दूसरे राज्यों तक की जाती थी। बताया जा रहा है कि पिछले छह महीने से इस खौफनाक साजिश की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी और बीते दो महीनों से फैक्ट्री पूरी तरह एक्टिव थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हथियार बनाने की लेथ मशीन को जमीन के करीब 20 फीट नीचे फिट किया गया था, ताकि मशीन की आवाज बाहर तक न पहुंचे और किसी को शक न हो। गांव वालों को सिर्फ इतना मालूम था कि यहां पतरी बनाने का काम होता है। किसी को अंदाजा तक नहीं था कि उसी आड़ में मौत का सामान तैयार हो रहा है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 अर्धनिर्मित पिस्टल, 14 लोहे की प्लेट, लेथ मशीन, कटर मशीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं। मौके पर मौजूद धमदाहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप गोल्डी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है और माना जा रहा है कि जल्द ही इस काले कारोबार से जुड़े कई और बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।
रिपोर्ट- अंकित कुमार