Bihar Vigilance Raid: बिहार में घूसखोर अमीन पर निगरानी का शिकंजा, रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Bihar Vigilance Raid:छह साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था फरियादी का परिवार, खाता-खेसरा और रकबा दुरुस्त करने के नाम पर चल रहा था रिश्वत का खेल, डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई।...

Bihar Vigilance Raid: बिहार में घूसखोर अमीन पर निगरानी का शि
घूसखोर अमीन पर निगरानी का शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar Vigilance Raid:  बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर विशेष सर्वेक्षण अमीन को रंगे हाथ दबोच लिया है। जमीन के कागजात और सर्वे के नक्शे में सुधार कराने के नाम पर आम लोगों को परेशान करने तथा मोटी रकम मांगने के आरोपों के बीच निगरानी की इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। सहरसा जिले के सोनवर्षा अंचल अंतर्गत बरैठ पंचायत में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण अमीन दीपक राज को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि नक्शे में खाता, खेसरा और रकबा दुरुस्त करने के एवज में उनसे 10 से 15 हजार रुपये की मांग की गई थी।

छह साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा था परिवार

मामले की शुरुआत बसनही थाना क्षेत्र के ननौती गांव निवासी प्रभात कुमार की शिकायत से हुई। बताया जाता है कि उनके दादा मिश्री साह पिछले करीब छह वर्षों से जमीन के सर्वे नक्शे में खाता, खेसरा और रकबा की गड़बड़ी ठीक कराने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि बरैठ पंचायत में तैनात विशेष सर्वेक्षण अमीन दीपक राज लगातार मामले को टाल रहे थे। जब नक्शे में सुधार कराने को लेकर उनसे बातचीत की गई तो कथित तौर पर इसके बदले 10 से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी गई।लगातार हो रही परेशानी और कथित रिश्वतखोरी से आजिज होकर प्रभात कुमार ने पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोपों की पुष्टि के लिए प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिश्वतखोर कर्मचारी को पकड़ने की रणनीति तैयार की गई।

निजी कार्यालय में चल रहा था रिश्वत का खेल

निगरानी डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम ने 3 नवंबर को सोनवर्षा अंचल के मंगवार में छापेमारी की। बताया गया कि दीपक राज किराये के मकान में अपना निजी कार्यालय चला रहे थे। इसी दौरान निगरानी टीम ने जाल बिछाकर 5 हजार रुपये रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।निगरानी डीएसपी ने सहरसा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को शिकायत मिली थी, जिसके बाद 2 नवंबर को निगरानी थाना कांड संख्या 129/26 दर्ज किया गया और फिर योजनाबद्ध तरीके से गिरफ्तारी की गई।

निगरानी की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप

इस कार्रवाई ने जमीन सर्वे के नाम पर कथित अवैध वसूली और आम लोगों की परेशानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन के कागजात दुरुस्त कराने के लिए वर्षों तक दफ्तरों की खाक छानने वाले लोगों के बीच इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है।

रिपोर्टर- छोटू सरकार