Bihar Love Affair: रात के अंधेरे में प्रेमी से मिलने पहुंची शादीशुदा महिला, दो शादीशुदा परिवारों के बीच प्रेम कहानी का तूफान, फिर हुआ हैरान करने वाला अंत

Bihar Love Affair: तीन दिल, दो शादियां और एक पंचायत का फैसले ने लोगों के दिमाग को हिला दिया है। प्रेम की गुप्त कहानी का खुलासा होने के बाद गांव ने रिश्तों की अदालत बैठी और...

Samastipur Married Lovers Caught Villagers Arrange Marriage
पति, प्रेमी और पंचायत का फैसला- फोटो : social Media

Bihar Love Affair: तीन दिल, दो शादियां और एक पंचायत का फैसले ने लोगों के दिमाग को हिला दिया है। प्रेम की गुप्त कहानी का खुलासा होने के बाद  गांव ने  रिश्तों की अदालत बैठी और...समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने गांव की गलियों से लेकर चौपाल तक सनसनी फैला दी। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचे प्रेमी को ग्रामीणों ने दबोच लिया। मामला जब गांव की पंचायत तक पहुंचा तो रिश्तों की उलझी हुई कहानी सामने आई, जहां पति, प्रेमी और प्रेमिका के बीच ऐसा पेच फंसा कि आखिरकार पंचायत ने अपना फरमान सुना दिया।

कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। खगड़िया की रहने वाली अनुराधा कुमारी करीब डेढ़ साल पहले सिंघिया खुर्द गांव स्थित एएनएम कॉलेज में पढ़ाई करने पहुंची थी। यहीं उसकी मुलाकात कॉलेज स्टाफ मनोहर कुमार से हुई। धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। लेकिन इस रिश्ते की बुनियाद में भी एक बड़ा राज छिपा था—मनोहर पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी थे।

मगर कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि अनुराधा का पहले से पन्नालाल यादव नाम के युवक से प्रेम संबंध चल रहा था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहा। समाज की नजरों से बचकर मुलाकातों का दौर चलता रहा। शनिवार की रात जब पन्नालाल अपनी कथित प्रेमिका से मिलने पहुंचा तो ग्रामीणों की नजर पड़ गई और पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और देखते ही देखते गांव में पंचायत बैठ गई। लोगों के बीच बहस शुरू हुई कि आखिर इस रिश्तों के जाल का समाधान क्या निकले। पंचायत में मौजूद लोगों ने फैसला लिया कि अनुराधा और पन्नालाल की शादी करा दी जाए। हैरानी की बात यह रही कि यह शादी पहले पति मनोहर की मौजूदगी में कराई गई।पन्नालाल यादव ताजपुर थाना क्षेत्र के चक पहाड़ गांव का रहने वाला है। वह भी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं—12 साल की बेटी और 9 साल का बेटा। यानी इस पूरे मामले में रिश्तों की डोर में कई परिवारों की जिंदगी उलझ गई।

पन्नालाल ने बताया कि करीब 10 साल पहले वह खगड़िया में रहता था और एक स्कूल में पढ़ाता था। उसी दौरान अनुराधा से उसकी जान-पहचान हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच मोहब्बत का रिश्ता बन गया। बाद में दोनों अलग हो गए और पन्नालाल की शादी कहीं और हो गई। लेकिन किस्मत ने दोनों को फिर करीब ला दिया। जब अनुराधा ने सिंघिया गांव के एएनएम कॉलेज में दाखिला लिया तो दोनों के बीच दोबारा बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद अनुराधा ने मनोहर से शादी कर ली, लेकिन पुराने रिश्ते की परछाईं पीछा नहीं छोड़ पाई।

इस पूरे घटनाक्रम ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या रिश्तों की जिम्मेदारी सिर्फ भावनाओं से तय होती है या उसमें परिवार, विश्वास और सामाजिक मर्यादा की भी कोई जगह होती है? एक तरफ जहां गांव ने अपने तरीके से फैसला सुनाकर मामला शांत करने की कोशिश की, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों के भविष्य और बच्चों की भावनाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रेम, विवाह और सामाजिक दबाव के इस उलझे हुए खेल ने एक बार फिर दिखा दिया कि छिपे हुए रिश्तों का सच जब सामने आता है तो उसकी चपेट में सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि कई जिंदगियां आ जाती हैं।