Power bank ban on flights : हवाई सफर से पहले जान लें नया नियम, अब केवल हैंड बैग में रहेगा पावर बैंक, चार्जिंग की तो होगी कार्रवाई

Power bank ban on flights : फ्लाइट में पावर बैंक इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी गयी है. लिथियम बैटरी से आग के खतरे को देखते हुए DGCA की ओर से फैसला किया गया है......पढ़िए आगे

Power bank ban on flights : हवाई सफर से पहले जान लें नया निय

N4N DESK : हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान के भीतर पावर बैंक चार्ज करने और उसे सीट के पावर सिस्टम से जोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह सख्त कदम विमानों में लिथियम बैटरी के कारण आग लगने की हालिया घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है। अब यात्री पावर बैंक केवल अपने हैंड बैग में ले जा सकेंगे, लेकिन उड़ान के दौरान उन्हें चार्ज करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

DGCA द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में बताया गया है कि लिथियम बैटरी विमान सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम साबित हो सकती है। यदि ओवरहेड बिन में रखे किसी उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण आग लगती है, तो केबिन क्रू के लिए वहां तक तुरंत पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। लिथियम बैटरी से निकलने वाली आग अत्यंत ऊर्जावान होती है और यह आसानी से नहीं बुझती, जिससे हवा में उड़ते विमान में जान-माल का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

दिसंबर से प्रभावी हुई इस नई एडवाइजरी के तहत एयरलाइंस को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। एयरलाइंस को अब प्रत्येक उड़ान से पहले यात्रियों को लिथियम बैटरी के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष घोषणाएं (Onboard Announcements) करनी होंगी। साथ ही, केबिन क्रू को ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने और केबिन बैगेज की सख्त मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया गया है।

नियमों के अनुसार, यात्रियों को केवल 100 वॉट घंटे (Wh) से कम क्षमता वाले पावर बैंक ले जाने की अनुमति है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे एमिरेट्स और सिंगापुर एयरलाइंस की तर्ज पर अब भारत में भी इनकी चार्जिंग वर्जित रहेगी। यात्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या पावर बैंक में असामान्य गर्मी, धुआं या गंध महसूस हो, तो वे बिना देरी किए तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।

एविएशन एक्सपर्ट्स ने इस फैसले को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है, लेकिन साथ ही एक चेतावनी भी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर जगह की कमी के कारण हैंड बैग को कार्गो होल्ड में डाल दिया जाता है, जो बेहद खतरनाक हो सकता है क्योंकि कार्गो एरिया में आग का पता देरी से चलता है। ऐसे में एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि पावर बैंक युक्त कोई भी बैग कार्गो होल्ड में न जाए, बल्कि वह यात्री की सीधी निगरानी में केबिन के अंदर ही रहे।