BJP National President: भाजपा की कमान संभालते ही नितिन नवीन को मिली 'Z' कैटेगरी की सुरक्षा, अब CRPF के घेरे में चलेंगे बीजेपी प्रेसिडेंट
BJP National President: भाजपा की कमान संभालते ही नितिन नवीन को 'Z' कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। अब नितिन नवीन CRPF के घेरे में चलेंगे। गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी मंगलवार को दी है।
BJP National President: भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं। मंगलवार को इसकी जानकारी दी गई। बता दें कि नितिन नवीन ने आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान भी संभाली है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
नितिन नवीन को मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा
सूत्रों की मानें तो यह फैसला गृह मंत्रालय के आदेश पर, खुफिया ब्यूरो (आईबी) द्वारा किए गए सुरक्षा आकलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत नितिन नवीन को देशभर में आवागमन के दौरान और उनके आवास पर सशस्त्र सीआरपीएफ कर्मियों की टीम सुरक्षा प्रदान करेगी। यह सुरक्षा व्यवस्था देश की उच्चतम श्रेणी की सुरक्षा में शामिल मानी जाती है।
कौन हैं नितिन नवीन?
नितिन नवीन एक वरिष्ठ राजनेता हैं और बिहार विधानसभा के पांच बार के विधायक रह चुके हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और संगठनात्मक क्षमता तथा प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। 23 मई 1980 को झारखंड की राजधानी रांची में जन्मे नितिन नवीन ने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2006 में उन्होंने पटना पश्चिम विधानसभा सीट से पहली बार बिहार विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद वर्ष 2010 से वे लगातार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से 2010, 2015, 2020 और 2025 में जीत दर्ज कर पांच बार विधायक बने।
बिहार सरकार में निभाई अहम भूमिका
बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास तथा विधि जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। विधायी भूमिका के साथ-साथ उन्होंने पार्टी संगठन में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर नेतृत्व के अलावा उन्हें सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं।