बिहार की राजनीति में कल आएगा 'कानूनी भूचाल'! नौकरी के बदले जमीन मामले में कल कोर्ट की दहलीज पर होगा लालू परिवार, जेल या बेल पर नजर

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की कल दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेशी होनी है। कोर्ट इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने (Framing of Charges) पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना सकता है।

बिहार की राजनीति में कल आएगा 'कानूनी भूचाल'! नौकरी के बदले ज

New Delhi - दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का समन जारी किया है। इनके साथ ही परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें मीसा भारती, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव शामिल हैं, उन्हें भी कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया गया है।

आरोप तय करने पर कल आ सकता है बड़ा फैसला

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने कल इस चर्चित मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के संबंध में अपना आदेश सुना सकते हैं। इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और अगली तारीख 9 जनवरी 2026 तय की थी।

 क्या है पूरा 'लैंड फॉर जॉब' मामला? (पुरानी रिपोर्ट का संदर्भ)

यह मामला करीब दो दशक पुराना है, जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।  आरोप है कि रेलवे के विभिन्न जोनों में ग्रुप-डी के पदों पर नियुक्तियों के बदले उम्मीदवारों और उनके परिवारों से लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीनें लिखवाई गईं।  सीबीआई का दावा है कि ये जमीनें बाजार दर से बेहद कम कीमतों पर और कुछ मामलों में तो उपहार (Gift) के तौर पर ली गई थीं।  इस मामले में सीबीआई और ईडी (ED) कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं, जिनमें लालू यादव, तेजस्वी यादव और अन्य को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

सियासी गलियारों में हलचल, राजद का 'विपक्ष पर प्रहार'

कल की पेशी को लेकर बिहार की राजनीति में भी सरगर्मी तेज हो गई है। राजद के नेताओं का कहना है कि यह जांच एजेंसियों का दुरुपयोग है और राजनीतिक द्वेष के चलते लालू परिवार को परेशान किया जा रहा है। वहीं, विपक्षी दल इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।

क्या कल तय होगा आगे का ट्रायल?

कल का दिन लालू परिवार के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि अगर कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर देता है, तो इस मामले का नियमित ट्रायल (Trial) शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि गवाहों की गवाही और सबूतों की जांच की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे लालू परिवार की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


Report - Dhiraj singh